कर्नाटक के हुबली जिले में हवेरी गांव के नाई ने एक ग्राहक के बाल काटने से बीच में ही मना कर दिया। दरअसल उसे पता चल गया कि बाल कटा रहा ग्राहक दलित है। यह घटना रानेबेन्नूर इतगी जिले की है। रानेबेन्नूर बेंगलुरु के उत्तर पश्चिम में 300 किमी की दूरी पर है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक ग्राहक इतगी में एक परिवार से मिलने आया था और नाई को बातचीत में उसकी जाति का पता चल गया। इसके बाद नाई ने तुरंत ग्राहक को दुकान से जाने को कह दिया, जबकि वो ग्राहक के आधे बाल काट चुका था।
बाल कटाने के लिए दूसरे शहर जाना पड़ा
ग्राहक को अपनी हेयर कटिंग पूरी कराने के लिए पास के दूसरे शहर हरिहर जाना पड़ा, जो कि इतगी से एक घंटे की दूरी पर है। इतगी में नाई और दलितों के बीच इस तरह का संबंध नई बात नहीं है। दोनों के बीच तनाव की स्थिति है। 1990 में हुए झगड़े के बाद नाई दलितों के बाल नहीं काटते।
भेदभाव के शिकार हुए ग्राहक ने यह बात अपने दोस्त को बताई और उसके बाद नाई के खिलाफ कार्रवाई के लिए जोनल पुलिस को सूचित किया। इसके अलावा एक दलित संगठन ने भी सामाजिक न्याय विभाग और पुलिस के सामने इस भेदभाव का मसला उठाया।
बीस साल पहले शुरू हुआ था झगड़ा
सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों, पुलिस और तहसीलदार की टीम ने गांव का दौरा किया और ग्रामीणों के साथ मीटिंग कर मामला सुलझाने की कोशिश की। हालांकि इसका कोई हल नहीं निकला। इतगी के नाईयों ने झुकने से इंकार कर दिया और कहा कि वे दलितों के बाल नहीं काटेंगे।
दलित नेता प्रकाश पुजार के मुताबिक गांव में यह समस्या 20 साल पहले 70 दलित परिवारों के साथ शुरू हुई थी। पुलिस सब इंस्पेक्टर वसंथ एचसी ने कहा कि सुलह की कोशिश जारी रहेगी।
रानेबेन्नुर के तहसीलदार रामामूर्ति ने कहा कि नाईयों को जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमने ग्रामीणों की उपस्थिति में नाईयों के साथ मीटिंग की है। इसमें दलित भी शामिल थे। अगले कुछ दिनों में दूसरी मीटिंग करेंगे। इसके बाद अगर कोई ऐसी हरकत करता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।'