भारत में प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल खालिस्तान समर्थक समूह सिख फॉर जस्टिस (एसजेएफ) अमेरिका में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए फिर से सक्रिय हो गया है। गुरपतवंत सिंह पन्नू के नेतृत्व वाले अलगाववादी समूह एसजेएफ ने चार साल के अंतराल के बाद अमेरिका में पेशेवर लॉबिंग गतिविधियां फिर से शुरू कर दी है। संघीय दस्तावेज में यह खुलासा हुआ है। इससे पता चलता है कि ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने साथ ही एसजेएफ न औपचारिक ढंग से लॉबिंग के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
अमेरिका में रणनीतिक लॉबिंग के जरिये विशेष समूह अपने हितों को साधने के लिए सरकार को प्रभावित करने और सार्वजनिक तौर पर अभियान चलाने जैसे तरीके अपनाते हैं। अमेरिकी सीनेट के समक्ष रखे गए लॉबिंग संबंधी संघीय दस्तावेज बताते हैं कि वर्ष 2025 की पहली तिमाही के लिए सिख फॉर जस्टिस ने लिविंगस्टन ग्रुप के साथ पंजीकरण कराया है, जो व्हाइट हाउस, विदेश विभाग, रक्षा विभाग और अन्य प्रमुख संघीय एजेंसियों के समक्ष इस प्रतिबंधित संगठन के पक्ष में लॉबिंग करेगा। इस तरह की लॉबिंग के जरिये एसजेएफ अपनी गतिविधियों के पक्ष में समर्थन जुटाना चाहता है। ब्यूरो
ताकि बाहर से न पड़ सके किसी तरह का दबाव
10 अप्रैल, 2025 को दायर संघीय दस्तावेज बताते हैं कि लिविंगस्टन समूह ने जिन मुद्दों को लेकर एसजेएफ का पक्ष रखने के लिए पंजीकरण कराया है, उसमें सबसे अहम यही है कि अमेरिका में बसे सिख समुदाय के लोगों को अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने के लिए अमेरिका के बाहर के लोगों और संस्थाओं की तरफ से किसी तरह का दबाव न झेलना पड़े। उन्हें किसी तरह से डराया-धमकाया न सके। विभिन्न मंचों पर एसजेएफ के पक्ष में लामबंदी की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रमुख लॉबिस्ट में पूर्व कांग्रेस सदस्य रॉबर्ट एल लिविंगस्टन, उनके पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ जे. एलन मार्टिन और कैथरीन किंग्सबरी शामिल हैं।
भारत के लिए चिंता का विषय
ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में ऐसी लॉबिंग गतिविधियां फिर से शुरू होना भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ अमेरिकी नीतियों को प्रभावित करने की कोशिशों के रूप में गंभीर चिंताएं उत्पन्न करती हैं। माना जा रहा है कि व्हाइट हाउस, विदेश विभाग और रक्षा विभाग तक एसजेएफ की लॉबिंग से अमेरिकी धरती पर सक्रिय पाकिस्तान समर्थित अलगाववादी तत्वों का खतरा भी बढ़ सकता है।
पहले भी कर चुका है कोशिश
मार्च 2020 में ग्रेटर अमेरिका एलएलसी नामक एक इकाई ने एसजेएफ के लिए लॉबिंग की जिम्मेदारी संभाली, जिसके तहत व्हाइट हाउस कार्यालय को प्रभावित किया जाना था। फर्म में पहली तिमाही के लिए 10,000 डॉलर की आय का खुलासा किया लेकिन 17 अप्रैल 2020 को ही पंजीकरण खत्म करने की सूचना दी। इसके बाद 2021 ब्लू स्टार स्ट्रैटेजीज एलएलसी की सेवाएं ली गईं, जिसने एसजेएफ को पंजाब को खालिस्तान बनाने का समर्थन करने वाला अमेरिका स्थित एनजीओ बताया। 12 मार्च 2021 से लागू इस लॉबिंग पंजीकरण दस्तावेज को 31 मई 2021 को खत्म घोषित कर दिया गया। अब इसने तीसरी बार ऐसी कोशिश शुरू की है।