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नकली नोट कितने, बैंकों के पास नहीं ब्यौरा

Sat, 05 Nov 2016 04:02 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, आगरा 
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नकली नोट - फोटो : Self
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एक हजार और 500 रुपये के नकली नोट बाजार में चलन में है। नकली नोट पकड़ में आने के बाद ग्राहक बैंक में इसे जमा नहीं करा रहे। लंबी प्रक्रिया और पेनाल्टी के डर से बैंक भी ग्राहकों से नकली नोट नहीं ले रहे। इस वजह से शहर में कितने नकली नोट निकले, इसका कोई ब्यौरा बैंकों के पास नहीं है। चार से ज्यादा नकली नोट मिलने पर पुलिस केस की लंबी प्रक्रिया और ग्राहकों को खोने के डर से बैंक भी नकली नोट बदलकर अपना कैश पूरा कर रहे हैं।
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अर्थव्यवस्था में नकली नोटों के चलन से रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने हाल में ही सर्कुलर जारी कर 1000 और 500 रुपये के नोटों को अच्छी तरह से जांच-परख कर लेने की अपील की है। रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि उच्च मूल्य के नोटों को भली भांति जांच परखकर ही लिया जाए। साथ ही एक हजार रुपये के नकली नोटों की सीरीज 2 एक्यू और 8 एसी केनोट न लेने के निर्देश दिए हैं।

बैंक शाखाओं ने इन दोनों सीरीज पर ग्राहकों को जागरूक करते हुए गेट पर नोटिस भी चस्पा किया है, लेकिन ग्राहकों के हाथ ऐसे नकली नोट आने पर बैंक भी हाथ पीछे कर रहे हैं। दरअसल, नियम है कि नकली नोट मिलने पर इसे बैंक में जमा करना चाहिए, ताकि यह प्रचलन में न आ सके, लेकिन बैकों में नकली नोटों के कड़े नियम और लंबी प्रक्रिया के कारण बैंक अधिकारी नकली नोट जमा करने से कतराते हैं। नियम के मुताबिक, बैंक में रजिस्टर बनाकर उसमें नोटों का नंबर दर्ज किया जाए और उसे अलग लिफाफे में रखकर चेस्ट को भिजवाया जाए।
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नकली नोट मिलने पर रिजर्व बैंक दस गुना पेनाल्टी भी बैंकों पर लगा रहा है। चार से ज्यादा नकली नोट मिलने पर संबंधित ग्राहक के खिलाफ पुलिस में मुकदमा लिखवाया जाए, लेकिन बैंक अधिकारी नकली नोटों को रखने और चेस्ट भेजने के झंझट से दूर रहते हुए नोट बदलवाने में ही भलाई समझ रहे हैं। इससे नकली नोट लगातार प्रचलन में बने हुए हैं। किसी भी बैंक ने नकली नोट अपने चेस्ट में नहीं रखवाए हैं।
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