सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट पर रोक लगाने के फैसले का बैंकरों और उद्योग जगत ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे साहसिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। साथ ही उन्होंने इस बदलाव को सहज बनाए रखने की प्रतिबद्धता जाहिर की है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की प्रमुख अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी कोशिश जल्दी से जल्दी एटीएम को चालू करना और ऑपरेशन सुचारु करना है। सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त समय दिया है।
ग्राहकों को परेशानी से बचाने के लिए 24वों घंटे काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी बैंकिंग सेक्टर ऐसे बदलाव को देख चुका है। एटीएम और काउंटर से 500 और 1000 रुपये के नोट वापस लेने के लिए बुधवार को बैंक बंद रहेंगे।
आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख चंदा कोचर ने कहा कि समानांतर अर्थव्यवस्था पर चोट करने के लिए यह अब तक का सबसे अहम फैसला है। इससे भुगतान के औपचारिक चैनलों को तेजी से बढ़ावा मिलेगा।
इससे औपचारिक अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ेगी। वहीं एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा कि यह एक बड़ा सुधार है। इसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था। कर देने से बचने के लिए पैसा दबाकर रखने वालों पर इसका व्यापक असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि नकदी लेनदेन पर काफी हद तक निर्भर रहने वाला रियल्टी सेक्टर ज्यादा प्रभावित होगा। इससे निर्माण गतिविधियां भी धीमी हो सकती हैं। महिंद्रा समूह के उप चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने ट्वीट किया कि सफलता को औचक तत्व की जरूरत होती है। यह शानदार है कि इस मास्टर स्ट्रोक को गोपनीय रखा गया था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा है कि आज रात जिन्होंने बैंक लूटी वह खुद ही लूट गए।