दिवाला कानून लागू होने के बाद से दो साल में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख करोड़ रुपये के फंसे कर्ज का समाधान करने में मदद मिली है। कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने शनिवार को बताया कि दिवाला व ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत अब तक 9,000 से ज्यादा मामले समाधान के लिए आए हैं। आईबीसी का करीब तीन लाख करोड़ रुपये की फंसी परिसंपत्तियों पर असर हुआ है, जिससे फंसे कर्ज का समाधान हुआ। इस राशि में समाधान योजना में हुई वसूली और एनसीएलटी के समक्ष आने से पहले निपटाए मामलों से प्राप्त राशि भी शामिल है।