दिवालिया लोगों के चुनाव लड़ने पर लग सकती है रोक
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शराब व्यवसायी विजय माल्या के बैंकों के पैसे डकार कर विदेश भागने के मामले ने संसद को ऐसी घटनाओं पर सोचने पर मजबूर कर दिया है। आगे से ऐसे मामलों पर लगाम कसने के लिए संसद की एथिक्स कमेटी ने कुछ कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार भाजपा सांसद भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में बनी दिवाला और दिवालियापन समिति ने इस संबंध में कुछ सिफारिशें की हैं।
जैसे चुनाव के माध्यम से या किसी स्थानीय प्राधिकारी में किसी भी सार्वजनिक पद के लिए चुने जाने वाले व्यक्ति को दिवालिया होने पर अपने कुर्सी से हाथ धोना पड़ सकता है।
अगर ये सिफारिशें मान ली जाती हैं और संसद के मौजूदा सत्र में इस बिल पर मोहर लग जाती है तो आने वाले समय में बैंकों का पैसा डकारने वाला व्यक्ति स्थानीय निकाय चुनावों से लेकर विधानसभा और संसद तक का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो जाएगा।