पिछले पांच सालों में देश भर के बैंकों में कुल 389 घोटाले सामने आए हैं। 31 मार्च, 2017 तक, सरकारी बैंकों ने पिछले पांच सालों में 8,670 'ऋण धोखाधड़ी' मामलों की सूचना दी है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 612.6 डॉलर (9.58 अरब डॉलर) का नुकसान उठाया है। इस राशि में अब तक कुछ सौ करोड़ रुपये की बढ़ोतरी भी हुई। इन सभी छोटे-बड़े घोटालों को मिला दें तो देश को 61,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे डिफॉल्टर्स के चलते यह मुद्दा देश के सामने आया है। अगर देश में 61,000 करोड़ रुपये घोटाले की भेंट ना चढ़े होते तो यह 9 काम देश की प्रगति में हो सकते थे।
2. इन 61,000 करोड़ रुपयों को देश भर में बांटा जाए तो प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में 470 रुपये आएंगे। बड़ी जनसंख्या वाले देश में अगर तकरीबन 500 रुपये प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में आए तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इन घोटालों का क्या मतलब है।