फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैश के लिए देशभर में मारामारी, नोट बदलने के लिए बैंक पहुंचे 3 लोगों की मौत

Sat, 12 Nov 2016 09:15 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बदलने को लेकर देशभर में शुक्रवार को भारी मारामारी रही। सरकारी दावों से इतर इंतजाम पूरी तरह फेल रहे। बैंक उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। शुक्रवार से एटीएम खुलने थे और सुबह से लोगों की कतारें भी एटीएम के बाहर लगना शुरू हो गई थीं, लेकिन ज्यादातर एटीएम में पैसा देर शाम तक भी नहीं पहुंचा। वहीं, बैंकों में भी लंबी कतारें लगी रहीं। नोट बदलने के लिए घंटों तक लाइन में लगे रहने के दौरान महाराष्ट्र और केरल में तीन लोगों की मौत हो गई। हालात देखते हुए सरकार ने पेट्रोल पंपों, बिजली, पानी के बिल जमा करने, सरकारी अस्पतालों समेत अन्य पूर्व घोषित जगहों पर 500-1000 रुपये के पुराने नोट स्वीकारने की समयसीमा 14 नवंबर तक बढ़ा दी है। 
विज्ञापन


एक तरफ आरबीआई बैंकों-एटीएम में नए नोटों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर पाया। तो दूसरी तरफ 500-1000 के नोट बंद करने की बड़ी घोषणा के बाद वित्त मंत्रालय की निगरानी भी ढीली दिखी। बैंकों में अव्यवस्था का आलम यह था कि कई जगह नोट कुछ शुरुआती घंटों में ही खत्म हो गए। कोई विशेष इंतजाम भी बैंकों की ओर से नहीं किए गए और न ही काउंटरों की संख्या जरूरत के मुताबिक बढ़ाई गई। यहां तक कि नोट बदलने और पैसा जमा करने का काम भी एक ही काउंटर पर होता देखा गया। महिलाओं, दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए भी अलग काउंटर की व्यवस्था नहीं की गई। लोगों की सुविधा के लिए बैंकों के सुबह 8 बजे से रात 8 बजे खुलने की बात कही गई थी। लेकिन इसका कहीं पालन होता नहीं दिखा। ज्यादातर बैंकों ने शाम 4 बजते-बजते अपने काउंटर बंद कर दिए। कई जगहों पर बैंकों का सर्वर ही बैठ गया।

बैंकों में इंतजाम न होने के चलते कुछ एक जगहों पर लोगों का गुस्सा भी भड़क उठा। वाराणसी और मुजफ्फरनगर में पुलिस को गुस्साए लोगों को संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। वहीं पटना में बैंक में तोड़फोड़ किए जाने की भी खबर है। महाराष्ट्र के मुलुंड में एसबीआई की ब्रांच के बाहर नोट बदलने के लिए घंटों लाइन में लगे रहे 73 वर्षीय विश्वनाथ वर्तक की अचानक मौत हो गई। केरल के थलासेरी में पांच लाख रुपये जमा करने बैंक पहुंचे 48 वर्षीय उन्नी की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। वहीं, अलप्पुझा में 75 वर्षीय बुजुर्ग कार्तिकेयन की मौत हो गई। वह भी स्टेट बैंक और त्रावणकोर के बाहर नोट बदलने के लिए लाइन में लगे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें