महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पालघर जिले में देह व्यापार गिरोह से बचाई गई 14 वर्षीय बांग्लादेशी लड़की ने बताया है कि तीन महीने में 200 पुरुषों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसका कहना है कि स्कूल में एक विषय में फेल होने पर घर से भागी थी। परिचित महिला ने उसे अवैध रूप से भारत में घुसाया और फिर देह व्यापार में धकेल दिया।
हार्मनी फाउंडेशन के अध्यक्ष अब्राहम मथाई ने बताया कि लड़की स्कूल में एक विषय में फेल हो गई थी, जिसके बाद वह घर से भाग गई थी। मथाई ने दावा किया कि इसके बाद पीड़िता की एक परिचित महिला ने उसे अवैध रूप से भारत में दाखिल होने में मदद की और फिर उसे देह व्यापार में धकेल दिया। मथाई ने मांग की कि उन सभी 200 लोगों का पता लगाया जाना चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए जिन्होंने कथित तौर पर पीड़िता का यौन शोषण किया।
गिरफ्तार लोगों में 33 और 32 साल की दो महिलाएं भी हैं, जिन्होंने किशोरी को बांग्लादेश से भारत में प्रवेश दिलाने में मदद की थी। नायगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक विजय कदम ने बताया कि 10 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें मुख्य आरोपी मोहम्मद खालिद अब्दुल बापारी (33), जो पीड़ितों को देह व्यापार के लिए विभिन्न शहरों में भेजने के लिए जिम्मेदार था और एजेंट जुबेर हारुन शेख (38) और शमीम गफ्फार सरदार (39) शामिल हैं।
किशोरी द्वारा किशोर सुधार केंद्र में दिए बयान के अनुसार उसे पहले गुजरात के नाडियाड ले जाया गया, जहां यौन शोषण किया गया। पीड़ितों को नवी मुंबई, पुणे, गुजरात, कर्नाटक और देश के अन्य स्थानों पर तस्करी कर लाया गया था। आरोपियों ने नाबालिग को नशीली दवाएं दीं और गरम चम्मच से दागकर उसे देह व्यापार में उतरने के लिए मजबूर किया।