बांग्लादेश में जारी अशांति को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि बांग्लादेश में शांति और स्थिरता बनी रहे और वहां रहने वाले अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस करें। इस दौरान शशि थरूर ने बांग्लादेश में हिंसा के बीच एक हिंदू युवा दीपू दास की भीड़ द्वारा हत्या (लिंचिंग) को बेहद शर्मनाक और गलत बताया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को मारा गया, उस पर धर्म का अपमान (ब्लास्फेमी) करने का कोई सबूत नहीं था।
बता दें कि दीपू पहले से ही पुलिस की हिरासत में था, लेकिन इसके बावजूद उसे भीड़ के हवाले कर दिया गया और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। थरूर ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के कई हिस्सों में सड़कों पर हो रहे प्रदर्शन, और भारत के दफ्तरों (असिस्टेंट हाई कमीशन) के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन, स्थिति को और खराब कर रहे हैं।
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बांग्लादेश आम चुनाव पर भी बोले थरूर
थरूर ने बांग्लादेश आम चुनाव पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि इन सब घटनाओं की वजह से वहां ऐसा माहौल बन गया है जो फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले शांति और स्थिरता के लिए ठीक नहीं है। इस दौरान उन्होंने भारत पर लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिज किया।
भारत को जिम्मेदार ठहराना गलत-थरूर
थरूर ने कहा कि एक छात्र नेता की मौत के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराना बिल्कुल बेबुनियाद और गलत है। भारत का बांग्लादेश में अस्थिरता फैलाने में कोई हित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ माहौल बिगड़ रहा है, जो बहुत चिंता की बात है। इस वजह से न सिर्फ बांग्लादेश में बल्कि पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। शशि थरूर ने बांग्लादेश सरकार और वहां के समाज से अपील की कि हालात को शांत किया जाए, कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए और सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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बांग्लादेश में अब-तक क्यों जारी है हिंसा?
गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिंसा बदस्तूर जारी है। ढाका से लेकर चटगांव तक भीड़ के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इसके ठीक बाद चटगांव में एक हिंदू शख्स की लिंचिंग की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया।
अब बांग्लादेश के नए राजनीतिक दल नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के एक नेता पर भी हमला हुआ है। सोमवार को एनसीपी के मोहम्मद मुतालिब सिकदर को खुलना में गोली मार दी गई। इस हमले में सिकदर के सिर पर चोट आई है। बताया गया है कि उसे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।