फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजादी के बाद से भारत-बांग्लादेश के बीच वीरान पड़े रेलवे ट्रैक पर फिर दौड़ेंगी ट्रेनें

Tue, 07 Nov 2017 11:30 AM IST
amarujala.com- Presented By: विकास कुमार
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
भारत और बांग्लादेश के बीच 1947 के बंटवारे के काट दी गई रेल लाइनों को फिर से जोड़े जाने की पहल शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत और बांग्लादेश के बीच 12 जगहों को फिर से रेल लाइन के जरिए जोड़ा जाएगा। इस बात की जानकारी खुद बांग्लादेश के रेल मंत्री मुजीबुल हक ने दी है।  
विज्ञापन


मुजीबुल दोनों देशों के रोटरी क्लबों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने त्रिपुरा आए हुए थे। उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन को शुरू करने के लिए दोनों देश की सरकारों का सहयोग मिल रहा है।  

त्रिपुरा के परिवहन मंत्री माणिक डे ने कहा कि मैंने दो साल पहले प्रधानमंत्री शेख हसीना के सामने दो साल पहले रेलवे लाइन को जोड़ने के मुद्दे को उठाया था। उस वक्त उन्होंने कहा था कि भारत को उन सभी लाइनों का सर्वे करना चाहिए जो दोनों देश की सीमाओं को जोड़ती है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ेंः जानें, 1971 में 'आयरन लेडी' इंदिरा ने कैसे पाकिस्तान को पिलाया था पानी

मुजीबुल ने इस कार्यक्रम में बताया कि भारत से मिली मदद से उनके देश में बने दो बड़े पुलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इनका उद्घाटन किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि ढाका और कोलकाता के बीच चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस के अलावा दूसरी ट्रेन बंधन एक्सप्रेस बांग्लादेश और कोलकाता के बीच चलेगी और इसकी शुरूआत अगले महीने से हो जाएगी। 

मुजीबुल ने कहा कि 15 किलोमीटर लंबी अगरतला-अखौरा परियोजना का काम पूरा हो चुका है और इसके लिए बांग्लादेश की तरफ भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है। भारत की तरफ भी इस परियोजना के लिए जमीन अधिकरण का काम पूरा हो गया है। भारत की तरफ से केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए 97.63 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें