बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर भारत ने अपना रुख साफ कर दिया है। भारत ने मंगलवार को कहा कि बांग्लादेश की ओर से हसीना को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध स्थापित प्रक्रियाओं के तहत जांचा जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मामले में कोई अपडेट होने पर जानकारी दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'यह मुद्दा भारत की ओर से स्थापित प्रक्रियाओं के तहत जांचा जा रहा है। जब इस बारे में कोई अपडेट होगा, तो उसकी जानकारी दी जाएगी।'
क्या हसीना के प्रत्यर्पण की मांग फिर उठी है?
बांग्लादेश ने एक बार फिर भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है। यह मांग ऐसे समय उठी, जब भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की। 78 वर्षीय शेख हसीना अगस्त 2024 में अपनी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। उनके नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद से वह भारत में रह रही हैं। वहीं, मुहम्मद यूनुस की पिछली सरकार ने भी हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की थी। उसका आरोप था कि छात्र नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान हुई कार्रवाई में हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया गया है।
हसीना को कब सुनाई गई मौत की सजा?
शेख हसीना और तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को पिछले साल इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मौत की सजा सुनाई थी। यह बांग्लादेश की घरेलू युद्ध अपराध अदालत है। अदालत ने 2024 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई कार्रवाई के मामले में दोनों को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया था।
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क्या तारिक रहमान को भारत आने के दो न्योते मिले हैं?
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत आने के लिए दो अलग-अलग निमंत्रण दिए गए हैं। पहला निमंत्रण द्विपक्षीय यात्रा के लिए है। दूसरा निमंत्रण सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए है। भारत 12 और 13 सितंबर को वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
म्मेलन में पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव समेत कई गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। तारिक रहमान को BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर आउटरीच सत्र में शामिल होने का न्योता दिया गया है। BIMSTEC यानी बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन में भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल और भूटान शामिल हैं।
बांग्लादेश के दो नागरिकों के मामले में क्या बोला भारत?
बांग्लादेश ने पश्चिम बंगाल में इस साल गिरफ्तार किए गए अपने दो नागरिकों को सौंपने की मांग भी की है। दोनों पर बांग्लादेशी राजनीतिक नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या में शामिल होने का संदेह है। इस मामले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कानूनी मामला है और जांच जारी है।