पाकिस्तान के खिलाफ 1971 की जंग में भारत की जीत के 50 साल पूरे होने पर बांग्लादेश की सेना का एक प्रतिनिधिमंडल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होगा। इस बात की जानकारी रविवार को रक्षा विभाग के अधिकारियों ने दी। तीन दिसंबर 1971 को भारतीय फौज ने पाकिस्तानी सेना पर हमला किया था।
इसके बाद जनरल मानेकशॉ की अगुवाई में भारतीय सेना मुक्ति वाहिनी के साथ शामिल हुई। भारतीय सेना के मुक्ति वाहिनी के साथ मिलने की घोषणा के बाद पाकिस्तान ने भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्से पर 3 दिसंबर को हमला किया। भारत ने इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया और उन्हें सीमा से तुरंत ही खदेड़ दिया।
इसके बाद भारतीय सेना रणनीति के साथ बांग्लादेश की सीमा में घुसी और लगभग 15 हजार किलोमीटर के दायरे को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों देशों के बीच युद्ध के अभी 13 दिन ही हुए थे कि 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के करीब 90,000 से ज्यादा सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया और भारत ने युद्ध जीत लिया।