कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में मंगलवार रात कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे द्वारा कथित रूप से भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट डालने के बाद हिंसा भड़क गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि पुलिस को इसे काबू करने के लिए फायरिंग करने पर मजबूर होना पड़ा।
पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक अन्य शख्स घायल हो गया, जिसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इस हिंसा में 50 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। यह पूरी घटना शहर के डीजे हल्ली और केजी हल्ली इलाके की है। फिलहाल, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने इलाके में कर्फ्यू लगा दिया है। वहीं, राजधानी बंगलूरू में धारा 144 लगा दी गई है।
जानिए अपडेट-
जिलाधिकारी करेंगे हिंसा की जांच
कर्नाटक सरकार ने बुधवार को फैसला किया कि पिछली रात शहर के कुछ हिस्सों में हुई हिंसा की जांच एक जिलाधिकारी से कराई जाएगी। इस घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए।
गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि सरकार ने हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुआ नुकसान वसूलने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, 'ऐसी स्थिति के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशानिर्देश हैं, उसके अनुसार जिला कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा जांच कराई जाएगी।'
बोम्मई ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने पूरी स्थिति और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद मुख्यमंत्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिली थी। वह अभी घर में पृथकवास में हैं।
मंत्री ने कहा, दंगे पूर्व नियोजित थे
मंत्री सीटी रवि ने कहा, दंगे पूर्व नियोजित थे। पेट्रोल बम और पत्थरों का इस्तेमाल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। 300 से अधिक वाहनों को फूंक दिया गया। हम संदिग्धों को जानते हैं लेकिन जांच के बाद ही तस्दीक होगी। हम उत्तर प्रदेश की तर्ज पर दंगाइयों से ही नुकसान की भरपाई करवाएंगे। वहीं, कांग्रेस विधायक श्रीनिवासमूर्ति ने कहा कि, कल कुछ अज्ञात लोगों ने मेरे घर में भी आग लगा दी, पेट्रोल बम भी फेंके। पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिए और दोषियों को खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अगर एक विधायक के साथ ऐसा हो सकता है तो दूसरों का क्या होगा। मैंने गृह मंत्री, पुलिस अधिकारियों और पार्टी के नेताओं से बात की है। मुझे सुरक्षा मिले तो अच्छा रहेगा।
जानिए पूरा घटनाक्रम...
इस सबकी शुरुआत एक कथित भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसे कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे नवीन ने पोस्ट किया था। हालांकि, स्थिति बिगड़ने पर इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। इस कथित भड़काऊ पोस्ट को लेकर बड़ी संख्या में उपद्रवियों ने विधायक श्रीनिवास मूर्ति के बंगलूरू स्थित आवास पर तोड़फोड़ की।