बंगलूरू से पकड़े गए 3 संदिग्ध पाकिस्तानियों के पास से मिले भारतीय दस्तावेज के मामले में पुलिस को नई सफलता हाथ लगी है। सोमवार को पुलिस ने इस मामले में जयनगर के जनरल हॉस्पीटल के वरिष्ठ डॉ. सी नागलक्षमा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इस डॉक्टर ने पाकिस्तानियों के फर्जी दस्तावेज अटेस्ट किए थे, जिसकी वजह से वो आधार कार्ड लेने में कामयाब हो गए। शनिवार को आधार के अधिकारियों ने डॉ. के खिलाफ बंसाखड़ी पुलिस धाने में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी।
आधार के डिप्टी डाइरेक्टर अशोक लेनिन ने डॉक्टर पर आरोप लगाया है कि वो अपराध में शामिल थी। पुलिस ने डॉ को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी डॉक्टर का कहना है कि उसे नहीं पता था कि वो तीनों पाकिस्तानी हैं। पुलिस के मुताबिक जब नागलक्षमा को उनकी राष्ट्रीयता के बारे में ही पता नहीं था तो उसने फर्जी दस्तावेजों पर दस्तखत क्यों किए। वो एक सरकारी अधिकारी हैं, और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।
बंगलूरू में तीन पाकिस्तानियों को फर्जी आईडी प्रूफ के साथ 25 मई को गिरफ्तार किया गया था। तीनों को बंगलूरू के कुमारस्वामी इलाके से धर-दबोचा है। तीनों की पहचान किरोह गुलाम अली, खासीफ शमशुद्दीन और शमीरा अब्दुल रहमान के रूप में हुई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला और बाकी दोनों पाकिस्तानी नेपाल बॉर्डर के रास्ते डेढ़ साल पहले भारत में घुसे थे। इनके पास से नकली आधार कार्ड और वोटर आईडी मिली थीं, ये तीनों पिछले दो महीनों से बंगलूरू में रह रहे थे।