दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी पटाखा बिक्री पर प्रतिबंध की चर्चा शुरू हो गई है। इस चर्चा ने राजनीतिक रंग ले लिया है। सूबे के पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने पटाखों की बिक्री पर बैन लगाने का इरादा जताया है। लेकिन, शिवसेना और मनसे ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
रामदास कदम ने कहा कि पटाखा बिक्री पर प्रतिबंध के संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करेंगे कि क्या महाराष्ट्र में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक पटाखों को बैन किया जा सकता है।
पटाखों से बड़े पैमाने पर वायु और ध्वनि प्रदूषण फैलता है। इस संबंध में छात्रों को जागरूक करने के लिए मंगलवार को पर्यावरण विभाग की ओर से ‘प्रदूषणमुक्त दिवाली संकल्प अभियान 2017’ नामक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित थे और उनकी उपस्थिति में छात्रों ने प्रदूषणमुक्त दिवाली मनाने का संकल्प लिया। इस दौरान रामदास कदम ने कहा कि प्रदूषणमुक्त दिवाली मनाने से वातावरण सुधरेगा और इसका लाभ किसानों को मिलेगा।
लेकिन, सबसे पहले कदम की ही पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने इसका विरोध किया है। राउत ने कहा कि पटाखों से अनेकों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। सिर्फ भारत ही नहीं, पूरे विश्व में पटाखे फोड़े जाते हैं। इसलिए पटाखों पर बैन नहीं होना चाहिए।
तो क्या व्हाट्सएप पर फोड़ें पटाखे : राज ठाकरे
पटाखों पर प्रतिबंध की मुखालफत करते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि क्या व्हाट्सएप पर पटाखे फोड़े जाएंगे।
राज ने सवाल किया कि हिंदू त्योहारों पर ही इस तरह की पाबंदी क्यों लगाई जाती है। उन्होंने पटाखों पर बैन का विरोध करते हुए कहा कि लोग पहले जैसे दिवाली मनाते थे उसी तरह मनाएं।