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Bamboo: बांस बन सकता है जीवाश्म ईंधन का नया स्रोत, अक्षय ऊर्जा का भी साफ-सुथरा विकल्प

Sat, 01 Jul 2023 05:23 AM IST
जलज मिश्रा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

शोधकर्ताओं के अनुसार बांस के जरिए बायोएथेनॉल, बायोगैस और अन्य बायोएनर्जी उत्पाद बनाए जा सकते हैं। बांस में काफी मात्रा में सेल्युलोज और हेमीसेल्युलोज होता है, जिसे चीनी के घटक के रूप में बदला जा सकता है। यह बांस को ऊर्जा पैदा करने का एक आदर्श घटक बनाता है।

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bamboo - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बांस की मदद से बायोएनर्जी पैदा की जा सकती है, जो आने वाले समय में जीवाश्म ईंधन की जगह ले सकती है। यह पर्यावरण अनुकूल होने के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा का साफ-सुथरा स्रोत है। जर्नल जीसीबी बायोएनर्जी में प्रकाशित शोध के अनुसार बांस, घास की ऐसी प्रजाति है जो बहुत ही जीवट होती है। यह खराब और बंजर जमीन पर भी बहुत कम मेहनत से उग सकती है। यह वातावरण से कार्बन डाईऑक्साइड सोख लेती है और बदले में बहुत सारी ऑक्सीजन छोड़ती है।

चीनी के घटक के रूप में भी बदल सकते हैं 

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शोधकर्ताओं के अनुसार बांस के जरिए बायोएथेनॉल, बायोगैस और अन्य बायोएनर्जी उत्पाद बनाए जा सकते हैं। बांस में काफी मात्रा में सेल्युलोज और हेमीसेल्युलोज होता है, जिसे चीनी के घटक के रूप में बदला जा सकता है। यह बांस को ऊर्जा पैदा करने का एक आदर्श घटक बनाता है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने किण्वन (फर्मेंटेशन) और पायरोलिसिस जैसी विभिन्न विधियों की व्याख्या की है, जिनका उपयोग बांस से प्राप्त कच्चे माल को बायोएथेनॉल, बायोगैस और अन्य बायोएनर्जी उत्पादों में बदलने के लिए किया जा सकता है।

मध्य प्रदेश में सर्वाधिक उत्पादन
भारत में कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में बांस प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं। मध्य प्रदेश में सर्वाधिक 2 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में बांस का उत्पादन होता है। दुनियाभर में इसकी 1662 प्रजातियां हैं, जिनमें से 130 प्रजातियां भारत में पाई जाती हैं। बांस उत्पादन में भारत द्वितीय स्थान पर है। भारतीय बांस उद्योग प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2,040 करोड़ और देश में 4,463 करोड़ का व्यापार करता है। निर्माण संबंधी कार्यों के साथ इसकी मदद से दैनिक उपयोग की कई चीजें बनाई जाती हैं।

लागत को कम करने में मददगार साबित होगा

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हंगेरियन यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर से जुड़े प्रमुख शोधकर्ता झीवेई लियांग का कहना है कि हमने बांस के बायोमास को ऊर्जा में तब्दील करने के लिए कई विधियों की समीक्षा की है। इससे पता चला है कि बांस से प्राप्त मुख्य उत्पाद बायोएथेनॉल और बायोचार हैं। चूंकि बांस की रासायनिक संरचना उसकी अलग-अलग प्रजातियों में अलग-अलग होती है। इसलिए इसके मुख्य उत्पाद में थोड़ा बहुत अंतर आ जाता है। लियांग के अनुसार उनका शोध बांस की उन बेहतर प्रजातियों का चयन करने में मदद करेंगे, जो अक्षय ऊर्जा तैयार करने के लिए लगने वाले समय और लागत को कम करने में मददगार साबित होगा।

 

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