ओडिशा के बालासोर में दो जून की शाम भीषण रेल हादसा हो गया था। इस ट्रेन दुर्घटना के तीन महीने बीत जाने के बावजूद 28 यात्रियों शवों की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी। भुवनेश्वर एम्स के चिकित्सा अधीक्षक दिलीप परिदा ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शवों को एम्स, भुवनेश्वर में विशेष फ्रीजर में रखा गया है। इन्हें और अधिक समय तक संरक्षित रखा जा सकता है। परिदा ने कहा, हमें लगता है कि अब कोई और दावेदार सामने नहीं आएगा, क्योंकि पिछले 10 दिनों में कोई नहीं आया है।
सोमवार को यह जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा कि उच्च अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद शवों को सीबीआई को सौंप दिया जाएगा, क्योंकि एजेंसी मामले की जांच कर रही है। एम्स, भुवनेश्वर को दो चरणों में 162 शव मिले थे। उन्होंने बताया कि उनमें से 28 शवों की अभी तक पहचान नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि दो जून को बालासोर जिले के बहनागा बाजार स्टेशन पर कोरोमंडल एक्सप्रेस एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई थी और इसके कुछ डिब्बे पटरी से उतरे और यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस से टकरा गए, जिससे कम से 293 लोगों की मौत हो गई और 1200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।