'अच्छी और कमजोर सीटों के बीच संतुलन जरूरी'
वहीं बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे पर उन्होंने कहा, 'हर राज्य में कुछ सीटें अच्छी होती हैं, कुछ कमजोर। एक ही पार्टी को सिर्फ अच्छी सीटें और दूसरी पार्टी को कमजोर सीटें नहीं दी जानी चाहिए। हमारा प्रयास है कि सभी दलों को संतुलित हिस्सेदारी मिले।' उन्होंने साफ किया कि फिलहाल राहुल गांधी की अगुवाई में कोई नई यात्रा (यात्रा कार्यक्रम) निकालने की योजना नहीं है।
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'आधार का 12वां पहचान पत्र बनना जनता की जीत'
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि कांग्रेस की 'वोटर अधिकार यात्रा' से यह मुद्दा उठाया गया कि बिहार में विशेष मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) के दौरान पहचान के 11 दस्तावेजों में आधार कार्ड शामिल नहीं था। अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि आधार को भी मान्यता दी जाए। उन्होंने कहा, यह जनता की जीत है।
दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने बनाई तमाम रणनीति
मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने बिहार के नेताओं के साथ बैठक की। इसमें सीट बंटवारे, चुनाव प्रचार और उम्मीदवार चयन को लेकर रणनीति तय की गई। बैठक में अजय माकन, केसी वेणुगोपाल, पप्पू यादव और कई अन्य नेता मौजूद थे। इस बैठक से पहले महागठबंधन के नेताओं की मुलाकात तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुई थी, जो बिहार में विपक्षी गठबंधन की समन्वय समिति के प्रमुख हैं।
महागठबंधन का पिछला मुकाबला
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में आरजेडी ने 144 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, उनमें से उसे 75 पर जीत हासिल हुई थी। वहीं कांग्रेस को 70 सीटों में से सिर्फ 19 पर जीत मिली थी। इस कड़ी में सीपीआई (एमएल)एल ने 19 में से 12 जीती थी। जबकि सीपीआई छह और सीपीआई (एम) को चार सीटें मिलीं।