कर्नाटक चुनाव घोषणा पत्र में बजरंग दल (Bajrang Dal) पर प्रतिबंध लगाने की बात कहना कांग्रेस के लिए भारी पड़ रहा है। कांग्रेस की इस घोषणा का शुरू हुआ विरोध अब भी जारी है और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) इसे देश के दूसरे राज्यों तक ले जाने की तैयारी कर रहा है।
संगठन ने घोषणा की है कि वह आगामी मंगलवार (नौ मई) को देश के सभी मंदिरों और प्रमुख स्थानों पर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ का आयोजन करेगी। इसके जरिए वह कांग्रेस के बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने और उसकी पीएफआई जैसे आतंकी संगठन से तुलना करने के निर्णय का विरोध करेगी और उसे 'सद्बुद्धि' आने की प्रार्थना करेगी।
विहिप के महामंत्री मिलिंद परांडे ने रविवार को एक संदेश जारी करते हुए कहा है कि कांग्रेस नेताओं को यह समझना चाहिए कि बजरंग दल पूरे देश में गौ रक्षा अभियान का काम कर रहा है। इसके अलावा वह सांस्कृतिक जागरण, कन्याओं के निःशुल्क विवाह और अन्य सामाजिक कार्यों में लगा हुआ है। इसके बाद भी वह बजरंग दल की तुलना पीएफआई जैसे आतंकी संगठन से कर रहा है तो इससे स्पष्ट होता है कि उसकी मंशा सही नहीं है। संगठन ने कांग्रेस से बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय को वापस लेने और अपने कर्नाटक चुनाव घोषणा पत्र को प्रतिबंधित करने की मांग की है।