फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाहुबली मुख्तार अंसारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में यूपी-पंजाब के वकीलों में तकरार, जानिए क्या है माजरा

Mon, 08 Feb 2021 06:14 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
बाहुबली मुख्तार अंसारी
विज्ञापन

यूपी के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में यूपी व पंजाब के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। दरअसल, अंसारी बीते दो साल से पंजाब की जेल में बंद है और यूपी में चल रहे 12 से ज्यादा मामले में उसे यहां की कोर्ट में पेश किया जाना है, लेकिन पंजाब से उसे यहां नहीं ला रहे हैं। 

विज्ञापन


इसी मामले को लेकर उप्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की है। सोमवार को इस पर सुनवाई के दौरान यूपी सरकार के वकील ने आरोप लगाया कि पंजाब उसे दो साल से नहीं भेज रहा है। पंजाब सरकार के वकील दुष्यंत दवे ने यूपी सरकार की याचिका खारिज करने की मांग।

पंजाब सरकार ने गिनाई मुख्तार की बीमारियां

गत दिनों पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दायर किया था। इसमें उसने बताया कि मुख्तार को हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, पीठ दर्द आदि गंभीर रोग हैं। डॉक्टरों ने उसे आराम की सलाह दी है। इस कारण उसे यूपी नहीं भेजा जा सकता है। उत्तरप्रदेश की तरफ से याचिका दाखिल करने का कोई आधार नहीं है। इसलिए यूपी की याचिका खारिज कर दी जाए।

विज्ञापन

तुषार मेहता बोले-पंजाब सरकार का मेहमान बन गया

उधर, यूपी सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पंजाब सरकार को तीखा जवाब दिया। एक गैंगस्टर को बचाने में ऐसी दिलचस्पी समझ से परे है। अंसारी ने कुछ इंतजाम करवा कर पंजाब में अपने खिलाफ एक एफआईआर दर्ज करवा ली। उसका लाभ उठाकर वह पंजाब सरकार का मेहमान बना हुआ है। 


मुकदमे पंजाब ट्रांसफर करने की मांग
वहीं अंसारी के वकील मुकुल रोहतगी ने यूपी में दर्ज सभी मुकदमों को पंजाब ट्रांसफर करने की मांग की। इस पर कोर्ट ने कहा कि केस ट्रांसफर करने का मामला इससे अलग है। दोनों सुनवाई साथ नहीं हो सकती। यूपी सरकार का कहना है कि एक साधारण मामले में अंसारी को 2019 में पंजाब ले जाया गया था। तब से वह रोपड़ जेल में ही बंद है। रोपड़ जेल प्रबंधन उसे नहीं भेज रहा है, जबकि यूपी में उस पर कई गंभीर मामले हैं।  यूपी का जवाब रिकॉर्ड पर नहीं होने से सुनवाई 24 फरवरी तक टाल दी गई है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें