यूपी के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में यूपी व पंजाब के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। दरअसल, अंसारी बीते दो साल से पंजाब की जेल में बंद है और यूपी में चल रहे 12 से ज्यादा मामले में उसे यहां की कोर्ट में पेश किया जाना है, लेकिन पंजाब से उसे यहां नहीं ला रहे हैं।
गत दिनों पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दायर किया था। इसमें उसने बताया कि मुख्तार को हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, पीठ दर्द आदि गंभीर रोग हैं। डॉक्टरों ने उसे आराम की सलाह दी है। इस कारण उसे यूपी नहीं भेजा जा सकता है। उत्तरप्रदेश की तरफ से याचिका दाखिल करने का कोई आधार नहीं है। इसलिए यूपी की याचिका खारिज कर दी जाए।
उधर, यूपी सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पंजाब सरकार को तीखा जवाब दिया। एक गैंगस्टर को बचाने में ऐसी दिलचस्पी समझ से परे है। अंसारी ने कुछ इंतजाम करवा कर पंजाब में अपने खिलाफ एक एफआईआर दर्ज करवा ली। उसका लाभ उठाकर वह पंजाब सरकार का मेहमान बना हुआ है।
मुकदमे पंजाब ट्रांसफर करने की मांग
वहीं अंसारी के वकील मुकुल रोहतगी ने यूपी में दर्ज सभी मुकदमों को पंजाब ट्रांसफर करने की मांग की। इस पर कोर्ट ने कहा कि केस ट्रांसफर करने का मामला इससे अलग है। दोनों सुनवाई साथ नहीं हो सकती। यूपी सरकार का कहना है कि एक साधारण मामले में अंसारी को 2019 में पंजाब ले जाया गया था। तब से वह रोपड़ जेल में ही बंद है। रोपड़ जेल प्रबंधन उसे नहीं भेज रहा है, जबकि यूपी में उस पर कई गंभीर मामले हैं। यूपी का जवाब रिकॉर्ड पर नहीं होने से सुनवाई 24 फरवरी तक टाल दी गई है।