भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि अब किसी भी दहशतगर्द के कायराना कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि भारत किसी भी आतंकी वारदात को 'एक्ट ऑफ वॉर' की तरह समझेगा और माकूल जवाब दिया जाएगा। इसी नीति से पूरी दुनिया को अवगत कराने की कवायद के तहत सरकार ने सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया है। भारत से अब तक छह शिष्टमंडल रूस, जापान, यूएई, कतर और गुयाना जैसे देशों में जाकर अलग-अलग मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब कर चुके हैं।
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'बहरीन मिनी इंडिया जैसा... कोई प्रतिबंध नहीं'
एक शिष्टमंडल के साथ बहरीन गए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा, मुझे यह देखकर खुशी हुई कि बहरीन मिनी इंडिया की तरह दिखता है। यहां हर धर्म के लोग रहते हैं। कोई प्रतिबंध नहीं है।
पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा के खिलाफ भारतीय शिष्टमंडल की मुखर मुहिम
दहशतगर्दों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई से तिलमिलाए पड़ोसी देश पाकिस्तान ने खुद को पीड़ित बताने के लिए दुष्प्रचार का सहारा लिया है। बीते 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की नृशंस हत्या हुई।
इसके बाद से ही बीते एक महीने में पाकिस्तान के कई नेता-राजनयिकों ने विदेशी मीडिया के सहारे भारत के खिलाफ जमकर प्रोपेगेंडा किया है। पाकिस्तान के कुत्सित प्रयासों के खिलाफ भारत के सांसद मुखर होकर टिप्पणी कर रहे हैं। अलग-अलग दलों के होने के बावजूद सांसदों ने एक स्वर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी दुनिया के सामने स्पष्टता से रखा है।
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'पाकिस्तान में इतने आतंकी हैं, जितने पूरी दुनिया को मिलाकर भी नहीं'
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल अलग-अलग सियासी दलों के लोगों राजनीतिक वैचारिकी पर आजाद ने कहा, हम भारत में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन हम यहां एक भारतीय के रूप में आए हैं। धर्म के आधार पर पाकिस्तान का गठन हुआ। हालांकि, पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) और पश्चिमी पाकिस्तान एकजुट नहीं रह सके। भारत में सभी धर्मों के लोग एकजुट रहते हैं। हम शांति और सद्भाव से रहते हैं...अगर हम देखें, तो शायद पाकिस्तान में रहने वाले आतंकवादियों की संख्या पूरी दुनिया में रहने वाले आतंकवादियों की संख्या से अधिक है।