पं. धीरेंद्र शास्त्री
- फोटो : अमर उजाला
बिहार में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री को लेकर सियासत गर्म है। आज धीरेंद्र शास्त्री की हनुमान कथा का आखिरी दिन है। लेकिन, इस बीच बिहार की राजनीति उफान पर है। बयानों की बाढ़ है। भाजपा से लेकर आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस तक के नेताओं ने एक-दूसरे पर हमला करना शुरू कर दिया है। नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप से लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तक कई नेताओं ने खूब सियासी बाण छोड़े।
वहीं, धीरेंद्र शास्त्री ने भी हिंदू राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि अगर बिहार के 13 करोड़ में से पांच करोड़ सनातनी तिलक लगाकर निकल पड़ें तो भारत हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को लेकर किस नेता ने क्या बयान दिए और इसके सियासी मायने क्या हैं?
पंडित धीरेंद्र शास्त्री।
- फोटो : सोशल मीडिया
पहले जानिए हिंदू राष्ट्र को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा?
धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान कथा के दौरान हिंदू राष्ट्र को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा, 'बिहार से हमारा संकल्प पूरा होता दिख रहा है। जिस दिन बिहार की 13 करोड़ आबादी में से पांच करोड़ लोग भी अपने घर के बाहर धर्म ध्वज और माथे पर तिलक लगाकर निकलने लगेंगे, उसी दिन भारत हिंदू राष्ट्र की ओर अग्रसर हो जाएगा।'
धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा, 'राम की पूजा करें, सनातन संस्कृति को बचाएं। अब देश साधु संतों का अपमान नहीं सहेगा। अगर भारत में रहना है तो सभी को सीता राम कहना पड़ेगा।' उन्होंने बिहारियों की खूब तारीफ भी की। कहा, 'जो बिहारी अपनी भाषा, रामचरितमानस और तुलसी के पौधों को नहीं छोड़ता, सच में वो बिहारी पूरी दुनिया पर भारी है।' इस दौरान उन्होंने अपने अगले दरबार का भी एलान कर दिया। कहा कि अब 27 सितंबर को वह गया में दिव्य दरबार लगाएंगे।
बाबा ने लोगों से अपील है कि आज एक संकल्प लेकर घर जाना है। जिस दिन इस बिहार के 13 करोड़ में से 5 करोड़ लोग ही अपने मस्तक पर तिलक लगाकर घर से निकलेंगे, उस दिन हिन्दू राष्ट्र का संकल्प पूरा हो जाएगा। साथ ही अपने घर के बाहर धर्म का ध्वज लगा लें। अगर आपके घर के बाहर यह ध्वज रहेगा तो हनुमान जी खुद आपकी रक्षा करेंगे।
सीएम नीतीश कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
धीरेंद्र शास्त्री को लेकर राजनीतिक हस्तियों ने क्या-क्या कहा?
धीरेंद्र शास्त्री को लेकर तमाम राजनीतिक हस्तियों ने बयान दिया है। हिंदू राष्ट्र वाले मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'देश में संविधान के खिलाफ कोई क्या माहौल बनाएगा। एक व्यक्ति संविधान में बदलाव नहीं कर सकता है। किसी भी धर्म के खिलाफ कोई बात नहीं होनी चाहिए। कौन किसकी पूजा करता है, वो उसका व्यक्तिगत मामला है। सभी को अपने ढंग से पूजा करने का अधिकार है।'
जेडीयू विधायक खालिद अनवर ने कहा कि बाबा प्रवचन करने के लिए आए तो उन्हें हमारी सरकार की ओर से जो भी सुरक्षा देनी थी उसे मुहैया कराई गई। जिस तरीके से एक कम्युनिटी को टारगेट करने की बीजेपी द्वारा कोशिश की जा रही है यह बहुत खतरनाक है। इसको हम लोग छोड़ने वाले नहीं हैं। जो लोग भी धर्म के नाम पर नफरत फैलाने का काम और आग लगाने का काम करेंगे उसे हमारी महागठबंधन की सरकार छोड़ने वाली नहीं है। बहुत हैरत हो रही है कि बाबा यहां आए थे यहां कथा सुनाने के लिए और भारतीय जनता पार्टी उनके नाम पर किस तरह की हरकतें कर रही है। बाबा को क्या जरूरत पड़ी यह बोलने की कि भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा? भारत में सबको जय श्री राम बोलना पड़ेगा? आप क्या किसी पॉलिटिकल पार्टी के एजेंडे पर काम कर रहे हैं?
पहले तेज प्रताप बागेश्वर वाले बाबा को रोकने का एलान कर रहे थे, अब उन्हें आबा-टाबा कह रहे।
- फोटो : अमर उजाला
तेज प्रताप ने कहा, हम किसी बाबा को नहीं जानते
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर बिहार सरकार के मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल तेज प्रताप यादव ने भी हमला किया। मंगलवार को जब तेजप्रताप यादव से धीरेंद्र शास्त्री को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हम किसी बाबा को नहीं जानते। हम केवल देवरहा बाबा को मानते हैं, क्योंकि उन्हीं के आशीर्वाद से हमारा जन्म हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि बाबा बागेश्वर ने बिहारियों का अपमान किया है। उन्हें पागल कहा है। इनको बिहार कभी माफ नहीं करेगा। तेज प्रताप यादव ने साफ कह दिया बिहार मे रामराज्य नहीं है। यहां कृष्ण राज्य है, महागठबंधन का राज्य है। तेज प्रताप यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, 'भगवान श्री कृष्ण 16 कलाओं से पूर्ण थे। रामजी 14 कला में। कृष्ण भगवान साक्षात यदुवंश हैं। हम लोग उन्हीं के वंशज हैं। बिहार में श्रीकृष्ण की सरकार है। यह जिन हनुमानजी की बात कर रहे हैं, वह श्रीकृष्ण की छतरी के ऊपर थे। हम देवराहा बाबा के अलावा किसी बाबा को नहीं जानते। यह बाबा यहां आए तो कर्नाटक में जनता का सुदर्शन चला।'
बिहार प्रदेशाध्यक्ष जगदानंद सिंह
- फोटो : ANI
आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया दंगाई
राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि अफसोस कि इन जैसे दंगाइयों को इस बिहार में आने दिया जा रहा है। इन्हें तो आडवाणी की तरह जेल में बंद कर दिया जाना चाहिए था। इसके पहले रामचरित मानस पर विवादित बयान देने वाले बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने भी धीरेंद्र शास्त्री को जेल भेजने की बात कही थी।
कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी
- फोटो : एएनआई
कांग्रेस विधायक ने भी दे डाला विवादित बयान
कांग्रेस के जामताड़ा विधायक इरफ़ान अंसारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के एक बाबा से लोग पहले से ही परेशान हैं अब ये दूसरा बाबा कहां से आ गया? उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लोकसभा का चुनाव आयेगा ऐसे ढेर सारे बाबा खड़े हो जायेंगे और एक पार्टी का प्रचार करेंगे।
विधायक इरफान ने कहा कि भारत सभी धर्मों का एक समूह है, यहां सभी धर्मों की आस्था है, ऐसे में बाबा को हलकी बातें करने से बचना चाहिए। उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को नसीहत दी कि एक अच्छा बाबा होने के नाते वह अपने मंच से अल्लाह हू अकबर का नारा लगायें ताकि जनता में एक बेहतर संदेश जाए। उन्होंने कहा कि बिहार में बाबा बोल लेते हैं लेकिन यदि झारखंड मे बोलेंगे तो यहां के दलित और आदिवासी उन्हें छोड़ेंगे नहीं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
भाजपा का पलटवार, केंद्रीय मंत्री ने सुनाई खरी-खरी
जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस नेताओं के हमले पर भाजपा ने भी पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा। बोले, 'बाबा को गांधी मैदान वाली जगह नहीं दी गई, नौबतपुर में अगर बाबा को कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदार सरकार होगी। कल उनको मठ में नहीं जाने दिया गया था।' गिरिराज ने पटना में बाबा के हिंदू राष्ट्र पर की गई घोषणा पर भी खुलकर समर्थन किया है।'
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बाबा बागेश्वर धाम के कार्यक्रम में न पहुंचने के सवाल पर भी गिरिराज ने कहा, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव कामकाजी व्यक्ति हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दिन रात काम करते रहते हैं। केवल इनको इफ्तार में समय मिल जाता है। उसमें भी वह काम ही करते रहते हैं। वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोग है। ये सनातन में तो जात पात कर ही लेंगे काम चल जाएगा, लेकिन उधर तो पक्का टोपी पहननी ही पड़ेगी। इफ्तार में जाना पड़ेगा तब ही वोट मिलेगा।
बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री
- फोटो : अमर उजाला
बिहार की सियासत पर बाबा की कथा का कितना पड़ेगा असर?
इसे समझने के लिए हमने राजनीतिक विश्लेषक संजय मिश्र से बात की। बिहार से ताल्लुक रखने वाले संजय ने कहा, 'बिहार में जातिगत राजनीति काफी हावी है। शुरू से ही बिहार में अलग-अलग जातियों को लेकर राजनीति होती रही है। अलग-अलग जातियों के अपने-अपने नेता है। भाजपा इस जातीय राजनीति को हिंदूवादी राजनीति में बदलने की कोशिश कर रही है।’
मिश्र कहते हैं, ‘धीरेंद्र शास्त्री की कथाओं में बड़ी संख्या में दलित और पिछड़े वर्ग के लोग भी आते हैं। बिहार में परंपरागत रूप से इन्हें राजद-जदयू जैसी पार्टियों का वोटबैंक माना जाता है। अगर यह वोटर हिंदुत्व के नाम पर एकजुट होता है तो इसका नुकसान इन पार्टियों को सकता है। वहीं, भाजपा को इससे फायदा हो सकता है।'