परोपकारी बागची और पार्थसारथी ने इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस (आईआईएससी) को 425 करोड़ रुपये दान करने का फैसला लिया है। बेंगलुरु में बागची-पार्थसारथी अस्पताल की स्थापना के लिए इस संस्थान को सुष्मिता व सुब्रतो बागची और राधा व एनएस पार्थसारथी ने एक साझेदारी में यह बड़ी रकम दी है।
'माइंड ट्री' के संस्थापक रह चुके हैं
आईआईएससी के निदेशक और प्रोफेसर गोविंदन रंगराजन ने कहा कि यह दोनों दंपती मिलकर 425 करोड़ रुपये की रकम दे रहे हैं। सुब्रतो बागची और एनएस पार्थसारथी सूचना तकनीक सेवाओं और परामर्श कंपनी 'माइंड ट्री' के संस्थापक रह चुके हैं।
बागची-पार्थसारथी नाम के इस मल्टी स्पेशियालिटी अस्पताल में 800 बेड होंगे, जहां सस्ता इलाज मिलेगा। सुष्मिता बागची ने कहा कि यह दान का मामला नहीं है बल्कि यह दान देने योग्य मामला है। दान देने के प्रयोजन में लोगों के प्रति सहानुभूति होती है। लोगों की भावनाओं को समझा जाता है, उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाई जाती है।
'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना
उन्होंने कहा, जब हम 1990 में अमेरिका में रहते थे, तभी हमें यह संस्कार मिले। समुदाय में जिस तरह से लोग इन मुद्दों से जुड़ते हैं, हम सब उससे बेहद प्रभावित हैं। हमें लगता है कि यह संसाधन हमारे हाथों में सौभाग्य से हैं। इसलिए इसका उपयोग 'वसुधैव कुटुंबकम' के लिए करते हैं।
वहीं, राधा ने कहा कि वह लोग लंबे समय से छोटे-छोटे स्तर पर दान करते रहे हैं। हम कोरोना के समय में जल्द मदद की जरूरत को देखते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस राशि का इस्तेमाल करना चाह रहे थे। हम लोग चाहते हैं कि इस धन से आईआईएससी में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बने।
सुष्मिता ने बताया कि वह आईआईएससी को एक बेहद बड़े संस्थान और हजारों सालों तक टावरों से घिरा देखते हैं। उन्होंने पिछले साल 340 करोड़ रुपये कैंसर केयर और क्योर इन ओडिशा को दिए थे। इसके अलावा बेंगलुरु स्थित श्री शंकर कैंसर फाउंडेशन को भी 210 करोड़ रुपये दिए थे, ताकि 750 बेड का कैंसर सेंटर बनाया जा सके।