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दृष्टिहीन खिलाड़ियों को गुरुद्वारे से मंगाकर खिलाया खाना, गंदे हाथों से दिया जूस

Sat, 23 Apr 2016 05:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद

सार

  • क्रिकेटर ब्लाइंड हैं तो क्या अंधेरे में ठहरे, गंदे हाथों खाएं
  • खुद गद्दे ढो रहे दृष्टिहीन खिलाड़ी, अंधेरे हॉल में ठहराए गए
  • सीढ़ियां चढ़कर जा रहे बाथरूम, हॉल में पहुंचने की भी मुसीबत
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दृष्टिहीन खिलाड़ी - फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
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दो हॉल। एक में बिजली तो दूसरे में अंधेरा। एक साफ सुथरा तो दूसरे में गंदगी। ब्लाइंड खिलाड़ियों के लिए सीढ़ियां चढ़कर बाथरूम जाने का इंतजाम। खिलाड़ियों को गंदे हाथों से जूस बांटा जा रहा था। खाना गुरुद्वारा से मंगाया गया तो ग्राउंड तक जाने के लिए स्कूल की बस उधार ली गई है।
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ये इंतजाम है इंटर स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट फॉर ब्लाइंड में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए। कहने के लिए टूर्नामेंट स्टेट लेवल का है, लेकिन इंतजाम खैराती है। वहीं रात में गर्मी लगी तो खुद ही खिलाड़ी अपने हाथों से गद्दे ढोकर खुली छत पर सोने चले गए। बावजूद इसके दृष्टिहीन खिलाड़ियों ने सोनकपुर स्टेडियम में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

गाजियाबाद में बीते वर्ष बदइंतजामी की वजह से बदनाम हुई यह प्रतियोगिता अपने मुरादाबाद की बदनामी का सबक न बन जाए। गाजियाबाद की बदनामी के साथ वहां की एसोसिएशन निशान पर आई थी। लंबी जांच के बाद एसोसिएशन को भी सख्ती झेलनी पड़ी थी।
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ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बैनर तले मुरादाबाद में पहली बार इंटर स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट फॉर ब्लाइंड का आयोजन किया गया। टूर्नामेंट में यूपी, महाराष्ट, जम्मू कश्मीर और राजस्थान की टीमें हिस्सा ले रही है। लेकिन रहने का इंतजाम सम्राट नगर स्थित महामाया सामुदायिक केंद्र में किया गया है।

रहने के लिए दो बड़े हॉल हैं। ग्राउंड फ्लोर राजस्थान और महाराष्ट की टीमें ठहरी है। जबकि यूपी और जम्मू की टीमें सीढ़ियों के जद्दोजहद के बाद फर्स्ट फ्लोर में पहुंची। कटौती के बाद भी ग्राउंड फ्लोर रोशनी से चकाचक है। लेकिन यूपी और जम्मू के खिलाड़ी अंधेरे में बैठे रहे। कुछ खिलाड़ी हॉल में पड़े गद्दों पर थकान मिटा रहे थे तो कुछ नहाने धोने में लगे थे।

बाथरूम तक पहुंचना भी इन खिलाड़ियों के लिए किसी जोखिम से कम नहीं है। वहीं हॉल की खुली बड़ी-बड़ी खिड़कियों से गिरने का डर भी है। वहीं सोने के लिए गद्दा लेकर खिलाड़ियों को खुद ही सीढ़ियां चढ़नी पड़ी। उन्हें खुली छत पर सोना पड़ा। इन सबके बावजूद खिलाड़ी दूसरे दिन तैयारी में जुटे रहे।
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खाना गुरुद्वारा से, जाना स्कूल बस से

दृष्टिहीन खिलाड़ी - फोटो : amar ujala bureau
इंटर स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट फॉर ब्लाइंड के खिलाड़ियों के खाने का इंतजाम गुरुद्वारा से किया गया है। ये व्यवस्था गुरुवार की थी। अगले दिन की व्यवस्था कहीं और से होगी। वहीं सम्राट नगर से सोनकपुर स्टेडियम तक खिलाड़ियों को पहुंचाने के लिए किसी स्कूल से बस मिली है।  

टूर्नामेंट में चार से पांच लाख का खर्चा
मुरादाबाद। ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन आफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी मानवेंद्र बताते हैं कि मुरादाबाद पहली बार ब्लाइंड टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस तरह के टूर्नामेंट के आयोजन पर करीब चार से पांच लाख का खर्च आता है। लोगों के सहयोग से टूर्नामेंट का खर्चा उठाया जा रहा है।

ये रही खामियां
:- दृष्टिहीन और कमजोर नजरों के वालों के रहने का फर्स्ट फ्लोर पर इंतजाम
:- बाथरूम तक पहुंचने के लिए भी सीढ़ियों का इस्तेमाल
:- हॉल में खुली बड़ी-बड़ी खिड़कियां
:- फर्स्ट फ्लोर के हॉल में अंधेरा
:- ग्राउंड फ्लोर के स्टेज पर सोने के लिए लगाए गए गद्दे
:- खुले और अंधरे में खाने का इंतजाम
:- खिलाड़ी खुद गद्दे लेकर सीढ़ियों से छत गए
:- भवन की खुली छत पर सोए दृष्टिहीन खिलाड़ी
:- बेरोकटोक परिसर से बाहर निकल गए
:- मच्छरों से बचाने का नहीं था कोई इंतजाम

'खिलाड़ियों के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। चारों टीमों में बी वन, बी टू और बी थ्री के खिलाड़ी है। सभी आपसी तालमेल से रहते हैं। इसलिए उन्हें रहने, सीढ़ियां चढ़ने में कोई दिक्कत नहीं होती है। छत पर उनके साथ सीनियर खिलाड़ी मौजूद रहे।'
- अतुल गोयल, टूर्नामेंट मैनेजर
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