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दूल्हों का अनूठा जुलूस: घोड़ी पर सवार होकर गाजे-बाजे के साथ कुंआरे पहुंचे कलेक्टर दफ्तर, दुल्हनों की मांग की

Thu, 22 Dec 2022 10:58 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलापुर

सार

बुधवार को सोलापुर के एक संगठन ने 'दुल्हन मोर्चा'  निकाला। इसमें कई कुंआरे दूल्हे की वेशभूषा में घोड़े पर सवार होकर बैंड बाजों के साथ सोलापुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां अधिकारियों को ज्ञापन देकर उनके लिए दुल्हनों के इंतजाम की मांग की। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महाराष्ट्र के सोलापुर से कुंआरों के जुलूस की चौंकाने वाली खबर आई है। बुधवार को शहर के कुंआरे युवकों ने शादी की पोशाक पहनकर और घोड़ी पर सवार होकर जुलूस निकाला। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय जाकर ज्ञापन दिया और उनके लिए दुल्हनों के इंतजाम की मांग की। 

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दरअसल, देश के कई हिस्सों में स्त्री पुरुष अनुपात गड़बड़ा गया है। इस कारण युवक-युवतियों की शादियां नहीं हो रही हैं। बुधवार को सोलापुर के एक संगठन ने 'दुल्हन मोर्चा'  निकाला। इसमें कई कुंआरे दूल्हे की वेशभूषा में घोड़े पर सवार होकर बैंड बाजों के साथ सोलापुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां अधिकारियों को ज्ञापन देकर उनके लिए दुल्हनों के इंतजाम की मांग की। 

सोनोग्राफी से लिंग परीक्षण पर सख्त पाबंदी की मांग
कुंआरे के ज्ञापन में महाराष्ट्र में स्त्री-पुरुष  अनुपात में सुधार के लिए प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT) एक्ट को सख्ती से लागू करने की भी मांग की गई है। उनका कहना है कि गर्भावस्था में लिंग परीक्षण के बाद कन्या भूण हत्याओं के कारण यह अनुपात गड़बड़ा गया है। 
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इस जुलूस का आयोजन ज्योति क्रांति परिषद ने किया था। इसके संस्थापक रमेश बारास्कर ने कहा कि लोग भले ही कुंआरों के मार्च की हंसी उड़ा सकते हैं, लेकिन कड़वी सचाई यह है कि राज्य में स्त्री पुरुष अनुपात घटने के कारण कई विवाहयोग्य लड़कों को लड़कियां नहीं मिल रही है। 

1000 लड़कों पर 889 लड़कियां
बोरास्कर ने दावा किया कि महाराष्ट्र में स्त्री पुरुष अनुपात घट कर 1000 लड़कों पर 889 लड़कियां रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस असमानता के लिए सरकार जिम्मेदार है। कन्या भ्रूण हत्याओं के कारण यह स्थिति बनी है। 

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