मुंबई की वडाला पुलिस एक ऐसे रैकेट का पर्दाफाश कर चुकी है जो गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनके बच्चों को खरीदकर ज्यादा पैसों में अमीरों को बेच दिया करता था। इस गिरोह को चलाने वाली महिला को पुलिस पहले ही पकड़ चुकी थी। उसका नाम जूलिया था, उसपर व्हाट्सअप के जरिए अबतक सौ से ज्यादा नवजातों को बेच देने का आरोप है।
अब पुलिस ने बेचे गए तीन नवजात बच्चों को ढूंढ निकाला है। ये बच्चे दो डॉक्टर्स और एक इंजीनियर को चार-चार लाख रुपए में बेच दिए गए थे।
वडाला पुलिस ने बच्चे बेचने वाले इस गिरोह का पिछले महीने पर्दाफाश किया था। तब जूलिया मुन्ना शेख नाम के शख्स से 20,000 रुपए में उसका बच्चा खरीदकर लाई थी, जिसको वह एक कपल को 1.5 लाख रुपए में बेचने वाली थी लेकिन उससे पहले ही पकड़ी गई। बच्चे के पिता ने पुलिस से कहा था कि उसपर एक लाख का कर्ज था जिसको चुकाने के लिए उसने बच्चा बेचा था।
पढ़ें: 100 से ज्यादा बच्चे बेच चुकी थी महिला, Whatsapp पर करती थी डील
खबर के मुताबिक, बंगलूरू के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 4.5 लाख में बच्चा खरीदा था वहीं डॉक्टर ने बच्चे के लिए जूलिया को चार लाख रुपए दिए थे। बता दें कि कई कारणों से भारत में गोद लेने की प्रक्रिया में काफी वक्त लगता है इसलिए लोग ऐसा रास्ता अपनाते हैं।