शिया वक्फ बोर्ड का कहना है कि बाबरी मस्जिद का निर्माण मंदिर को गिराकर किया गया था। बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक की लड़ाई हारने के 71 साल बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे शिया वक्फ बोर्ड ने 1946 के ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मस्जिद को सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताया गया था।
बोर्ड ने दावा किया कि बाबर के मंत्री अब्दुल मीर बकी ने इस मस्जिद को बनाने के लिए रकम मुहैया कराई थी। वहीं इससे पहले शिया वक्फ बोर्ड ने कहा था कि ढहाई गई बाबरी मस्जिद उसकी प्रॉपर्टी थी और अब वो मस्जिद को विवादित स्थल से दूर कहीं मुस्लिम बहुल इलाके में बनाना चाहता है।
बता दें कि अयोध्या राम जन्मभूमि व विवादित ढांचा मामले में शुक्रवार को सुनवाई होनी है। सात वर्ष बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई करने जा रहा है। इस पर शिया वक्फ बोर्ड के दाखिल पक्ष पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर अपना फैसला देगा।