बाबरी विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और कल्याण सिंह सहित भाजपा एवं विश्व हिंदू परिषद के 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा चलाने की अनुमती दी। सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में अपील करके इन नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने का मुकदमा चलाने की कोर्ट से अनुमति मांगी थी।
आइए जानते हैं सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से जुड़ी सात सात बड़ी बातें-
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1. बाबरी मस्जिद मामले में लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित 13 नेताओं पर आपराधिक षडयंत्र का मामला चलेगा। इन नेताओं के खिलाफ धारा 120 (बी) के तहत मामला चलाया जाएगा।
2. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कल्याण सिंह को इस मामले से बाहर रखा है क्योंकि वह वर्तमान में राजस्थान के राज्यपाल हैं। संवैधानिक प्रावधानों के तहत जब तक वह गवर्नर के पद पर रहेंगे उनके खिलाफ कोई केस रजिस्टर नहीं होगा।
3. इस ट्रायल को दो साल में खत्म करने की बात सुप्रीम कोर्ट ने कही है। इसके लिए मामले की लखनऊ कोर्ट में रोजाना सुनवाई होगी।
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4. विवादित ढांचा गिराने से संबंधित दो तरह के मामले हैं। आडवाणी सहित अन्य नेताओं पर रायबरेली की अदालत में भीड़ को उकसाने का मामला चल रहा है जबकि लखनऊ की विशेष अदालत में कार सेवकों पर षड्यंत्र और विवादित ढांचे को ढहाने का मुकदमा चल रहा है।
5. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रायबरेली वाले केस को भी चार हफ्ते में लखनऊ ट्रांसफर किया जाए। साथ ही ये भी कहा कि दो साल में इस केस की सुनवाई पूरी की जाए और तबतक जज का ट्रांसफर नहीं होना चाहिए।
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6. लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, विष्णु हरि डालमिया, सतीश प्रधान, सी आर बंसल, साध्वी ऋतंभरा, आर वी वेदंती, जगदीश मुनि महाराज, बी एल शर्मा, नृत्य गोपाल दास, धर्म दास, सतीश नागर पर मामला चलेगा।
7. इंडियन पीनल कोड, 1860 के मुताबिक, सेक्शन 120-B के तहत दोषी पाए जाने पर फांसी, आजीवन कारावास या फिर दो साल तक की सजा मिल सकती है।
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