बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई कोर्ट का आपराधिक साजिश रचने का मुकदमा रद्द की अपील ठुकराने के बावजूद भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के लिए राष्ट्रपति भवन का दरवाजा बंद नहीं हुआ है। आपराधिक साजिश का मुकदमा जारी रहने के बावजूद इन नेताओं को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने की राह में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। मामला बस राजनीतिक नैतिकता से जुड़ा है।
इस मामले में आपराधिक साजिश का आरोप पत्र दायर होने के कारण करीब दो दशक बाद राम मंदिर मुद्दे को फिर से राजनीति के केंद्र में आने की छाने की स्थिति बन रही है। चूंकि सुनवाई दो साल तक चलेगी, ऐसे में अगले लोकसभा चुनाव में यह मुद्दा नए सिरे से तूल पकड़ सकता है। गौरतलब है कि सुनवाई जब अंतिम दौर में होगी, तभी लोकसभा चुनाव हो रहे होंगे।