बाबा सिद्दीकी का पूरा नाम बाबा जियाउद्दीन सिद्दीकी है। वह छात्र जीवन में ही कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए थे। मुंबई के एक कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद दो बार म्युनिसिपल कॉरपोरेटर के रूप में भी इन्होंने काम किया। कॉरपोरेटर बनने के बाद बाबा ने अपना राजनीतिक कद और बढ़ाने के लिए 1999 में विधानसभा चुनाव लड़ा। वह बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चुने गए। इसके बाद सिद्दीकी ने राजनीति में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह 2004 और 2009 में भी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर इसी विधानसभा के विधायक बने। वह एक बार के मंत्री भी रहे थे।
सलमान-शाहरुख की दोस्ती कराई
अभिनेत्री कटरीना कैफ की जन्मदिन पार्टी में हुए विवाद के बाद सलमान खान-शाहरुख खान के बीच लंबे समय तक दूरी बनी रही। दोनों ने कई सालों तक एक-दूसरे से बात नहीं की। बाबा सिद्दीकी ने इनके बीच दोस्ती कराई। उन्होंने दोनों को अपनी इफ्तारी पार्टी में बुलाया और उनके बीच की दूरी खत्म की। इस पार्टी में दोनों सितारे मिले और उनके बीच सुलह हो गई। इसके बाद से शाहरुख-सलमान के रिश्ते पहले जैसे हो गए, तब से लेकर इस मेल-मिलाप का श्रेय बाबा को ही दिया जाता है।
इफ्तार पार्टियों से मिली पहचान
बाबा सिद्दीकी ने नेशनल मीडिया का ध्यान तब आकर्षित किया, जब उन्होंने रमजान के दौरान इफ्तार पार्टियां शुरू कीं। उनकी इन पार्टियों में न केवल राजनीतिक हस्तियां बल्कि बॉलीवुड के बड़े से बड़े सितारे भी शरीक होने लगे। सलमान-शाहरुख खान से लेकर कई प्रमुख फिल्मी सितारे अक्सर इन इफ्तार पार्टियों में नजर आते थे।