बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में अनमोल बिश्नोई को मुंबई लाने की कोशिशों को उस समय झटका लगा, जब अदालत ने उसकी हिरासत सौंपने की मांग खारिज की। जानिए अब जांच एजेंसी के सामने क्या चुनौती है।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने गैंगस्टर अनमोल लविंदरसिंह बिश्नोई को मुंबई पुलिस की हिरासत में सौंपने की अर्जी खारिज कर दी है। शुक्रवार को मुंबई की विशेष मकोका अदालत में क्राइम ब्रांच ने यह जानकारी देते हुए कहा कि जांच टीम अभी दिल्ली और पंजाब में है। टीम के मुंबई लौटने के बाद अदालत में दिल्ली कोर्ट के आदेश की प्रति और विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी।
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यह अंतरिम अनुपालन रिपोर्ट विशेष मकोका अदालत के 10 जुलाई के उस निर्देश के बाद दाखिल की गई, जिसमें जांच एजेंसी को अनमोल बिश्नोई समेत फरार आरोपियों की मुंबई अदालत में पेशी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाने को कहा गया था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे अनमोल बिश्नोई को पिछले वर्ष नवंबर में अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद एनआईए ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
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अभियोजन पक्ष ने 20 जुलाई को विशेष मकोका अदालत में अनमोल बिश्नोई के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने और दिल्ली की संबंधित अदालत को अनुरोध पत्र भेजने की मांग की थी। उसी दिन मुंबई की अदालत ने प्रोडक्शन वारंट और अनुरोध पत्र जारी कर दिया। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच के एंटी एक्सटॉर्शन सेल के पुलिस निरीक्षक अरुण थोराट के नेतृत्व में एक टीम 21 जुलाई को दिल्ली रवाना हुई।
क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, 22 जुलाई को पुलिस निरीक्षक अरुण थोराट ने नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष मुंबई अदालत का अनुरोध पत्र पेश कर अनमोल बिश्नोई की हिरासत मुंबई पुलिस को सौंपने की मांग की। हालांकि, दिल्ली अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
क्राइम ब्रांच ने विशेष मकोका अदालत को मामले के दो अन्य वांछित आरोपियों-मोहम्मद यासीन अख्तर उर्फ सिकंदर अली उर्फ मोहम्मद जमील उर्फ जीशान अख्तर तथा शुभम रामेश्वर लोनकर उर्फ शुभू के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी जानकारी दी। अदालत ने पहले ही इन दोनों आरोपियों के खिलाफ भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने संबंधी अभियोजन पक्ष की अर्जी मंजूर कर रखी है।