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जानिए, क्या है वो पूरा मामला, जिससे मुश्किलों में फंसते चले गए बाबा राम रहीम

Fri, 25 Aug 2017 05:35 PM IST
amarujala.com- written by: संदीप भट्ट
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ram rahim - फोटो : amar ujala
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साध्वी रेप केस में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा राम रहीम को दोषी करार दिया गया है। सीबीआई की पंचकूला की विशेष अदालत ने उन्हें एक युवा साध्वी से यौन शोषण का दोषी माना है।
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फैसले की खास बात ये है कि अभी तक उस पीड़िता को लेकर बहुत ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है जिसकी शिकायत पर डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख रेप के आरोपों में फंस गए।

असल में ये सारा मामला एक गुमनाम चिट्ठी से शुरू हुआ था जो साल 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लिखी गई थी। पीएम के साथ ही पीड़िता ने हरियाणा और पंजाब की सरकारों के साथ ही दोनों राज्यों की हाईकोर्ट को ‌चिट्ठी लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
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ये भ्‍ाी पढ़ेंःराम रहीम पर फैसले के बाद डेरा समर्थकों का उपद्रव शुरू, स्टेशन फूंके, मीडियाकर्मियों पर हमला

आगे जानिए, राम रहीम पर लगे आरोपों की पूरी कहानी

बात साल 2002 की है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के नाम एक गुमनाम चिट्ठी आई, जो तीन पेज की थी। ये चिट्ठी एक महिला की ओर से भेजी गई थी।

इसमें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की शिकायत की गई। डेरा प्रमुख पर यौन शोषण व दुष्कर्म का आरोप लगाया गया। चिट्ठी में दो अन्य साध्वियों का भी जिक्र था, जिनके साथ प्रताड़ना होने की बात कही गई थी। कुरुक्षेत्र के एक सेवादार के बारे में लिखा गया कि प्रताड़ना के बाद पूरे परिवार ने डेरे से नाता तोड़ लिया।

चिट्ठी में गुहार लगाते हुए सहायता मांगी गई और कहा गया कि मैं अपना नाम पता लिखूंगी तो मुझे मार दिया जाएगा। किसी एजेंसी से मामले की जांच करवाई जाए और पता लगाया जाए कि कहां क्या चल रहा है।
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2002 में सीबीआई को दिए जांच के आदेश

पीएमओ ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सितम्बर 2002 में सीबीआई को इस मामले में जांच के आदेश दिए। सीबीआई ने जांच में आरोपों में सच्चाई पाई और डेरामुखी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।

मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में 31 जुलाई, 2007 को आरोप पत्र दाखिल किया। जिसमें डेरामुखी को जमानत मिल गई, लेकिन मामला चलता रहा। 

राम रहीम पर केस 2002 में दर्ज हुआ था। साल 2007 में आरोप पत्र ​दाखिला हुआ। पहली सुनवाई जनवरी 2012 में हुई। सीबीआई की अदालत में पहली सुनवाई अक्तूबर 2013 में हुई। केस में बाबा राम रहीम का ड्राइवर मुख्य गवाह है और अब तक 200 से ज्यादा सुनवाइयां हो चुकी हैं।

आज यानि कि 25 अगस्त 2017 को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट के जज जगदीप सिंह ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख को दोषी करार दिया। राम रहीम पर सजा का फैसला 28 अगस्त को होगा।
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