BK Hariprasad: डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद कांग्रेस ने बीके हरिप्रसाद को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। हरिप्रसाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और संगठन में कई बड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्हें भाजपा और आरएसएस का मुखर आलोचक माना जाता है। पढ़िए रिपोर्ट-
कांग्रेस ने बीके हरिप्रसाद को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने डीके शिवकुमार की जगह ली है, जिन्होंने आज राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। सत्ता साझेदारी के तहत तीन साल बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया है।
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बीके हरिप्रसाद कौन हैं?
बीके हरिप्रसाद वर्तमान में कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य हैं और उनका कार्यकाल इसी महीने समाप्त होने वाला है। वह नरेंद्र मोदी सरकार, भाजपा और आरएसएस के मुखर आलोचक माने जाते हैं। वह राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
बिलावा समुदाय से आते हैं हरिप्रसाद
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के बिलावा समुदाय से आने वाले हरिप्रसाद का जन्म 29 जुलाई 1954 को हुआ था। बिलावा समुदाय से जुड़े जनार्दन पुजारी और एस. बंगारप्पा भी कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) के अध्यक्ष रह चुके हैं।
राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए थे उम्मीदवार
हरिप्रसाद विपक्ष की ओर से राज्यसभा के उपसभापति पद के उम्मीदवार थे। लेकिन उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह से हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने 1999 का लोकसभा चुनाव बंगलूरू दक्षिण सीट से लड़ा था। लेकिन भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत अनंत कुमार से उन्हें हार मिली थी।
पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली भी केपीसीसी अध्यक्ष पद के दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन आखिरकार यह जिम्मेदारी बीके हरिप्रसाद को मिली।