नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि इतने बड़े देश के वजीर-ए-आजम नुक्कड़ सभाएं करते फिर रहे हैं। गधों पर बहस करने के बजाए पीएम इंसानों के बारे में भी कुछ सोचें। प्रधानमंत्री को गधों से लगाव है, वह और गधों से भी प्रेरणा ले रहे हैं। गधों के बजाए अगर आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से प्रेरणा लेते तो भी अच्छा होता।
आजम खां ने मीडिया वालों से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट के साठ कालेज हैं, जो नकल कराता है। बादशाह अपना बहुत बड़ा सीना और छाती गिनाते हैं। अगर हिम्मत है, तो वह अपने मेंबर ऑफ पार्लियामेंट को गिरफ्तार कराकर तिहाड़ जेल भेजें।
प्रधानमंत्री के बयान को शिक्षा का अपमान बताया। कहा कि प्रधानमंत्री निचले स्तर पर उतर आए हैं। गुजरात के कब्रिस्तान और श्मशान उनकी अच्छी समझ में हैं। दंगों से कब्रिस्तान और शमशान आबाद होते हैं। पीएम गधों पर बहस करने के बजाय इंसानों के बारे में कुछ सोचें। गधों के बजाय अगर आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से प्रेरणा लेते तो भी अच्छा होता।
नुक्कड़ सभाएं करने वाले पीएम की भाषा नुक्कड़ वाली है। आजम खां ने अमित शाह के बयान पर कहा कि लैपटॉप पढ़े लिखे लोगों को दिए गए हैं। मुसलमानों में शिक्षा नाममात्र को है। इसलिए मुसलमानों को नाममात्र ही लैपटाप मिले होंगे।
लेकिन अमित शाह बेबुनियाद बयान देकर चुनाव में फायदा लेना चाहते हैं। उन्होंने अमर सिंह पर भी कटाक्ष किए। समाजवादी एंबुलेंस का स्लोगन ढकने पर भारत निर्वाचन आयोग पर तंज कसे।