सपा में नेता विरोधी दल के लिए माथापच्ची शुरू हो गई है। कार्यवाहक कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां नेता विरोधी दल बनाए जा सकते हैं। क्योंकि पहले भी वह नेता विरोधी दल रह चुके हैं। इस तरह यदि आजम को यह पद मिला तो उनकी लालबत्ती पांच साल तक फिर कायम रह सकती है।
चुनाव जीतने के बाद आजम मंगलवार की रात अपने नवनिर्वाचित विधायक बेटे अब्दुल्ला और विधायक नसीर खां को साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव आजम खां को नेता विरोधी दल बनाना चाहते हैं। जबकि अखिलेश यादव आठवीं बार विधायक बने राम गोविंद चौधरी के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं।
इस पर अंतिम निर्णय समाजवादी पार्टी की 16 मार्च को होने वाली विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी विधायकों की लखनऊ में बैठक बुलाई है। इसमें हार के कारणों की समीक्षा भी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने ही आजम का नाम अखिलेश यादव के सामने प्रस्तावित किया है। उनका तर्क है कि आजम संसदीय मामलों के जानकार और अच्छे वक्ता हैं।