प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और नगर विकास मंत्री आजम खां के बीच जारी जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। स्टडी टूर के तहत कई देशों का दौरा करने के बाद रामपुर लौटे आजम खां ने बुधवार को राज्यपाल को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए कहा कि वो लोकतंत्र की जड़ें खोद रहे हैं।
राम नाईक राजभवन को आरएसएस भवन बनाना चाहते हैं। कैबिनेट मंत्री ने मंगलवार को कन्नौज में भी राज्यपाल पर हमला बोला था।
आजम खां ने बुधवार को अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि हम राज्यपाल का कड़ा विरोध करते हैं। उन्हें हमारी बर्खास्तगी की मांग करने का कोई अधिकार नहीं है। राज्यपाल खुद अपने बारे में सोचे कि क्या उन्हें राज्यपाल के पद पर बने रहने का अधिकार है?
विधानसभा में उनके द्वारा राज्यपाल पर टिप्पणी की बात पर कहा कि राज्यपाल को पता होना चाहिए कि सदन में हम मंत्री की हैसियत से नहीं, बल्कि विधायक की हैसियत बोलते हैं। हमें जनता ने चुना है, राज्यपाल की तरह आरएसएस ने चुन कर राजभवन नहीं भेजा है।
आजम खां ने राज्यपाल पर आरोप लगाया कि वो लोकतंत्र की जड़े खोद रहे हैं। राजभवन कानून से ऊपर नहीं है। राज्यपाल बेईमानों को संरक्षण दे रहे हैं। वो भ्रष्ट और रिश्वतखोरों को बचाना चाहते हैं।