राज्य सरकार ने लाउडस्पीकर को लेकर नामित प्राधिकारी द्वारा अधिकृत नहीं होने पर लाउडस्पीकरों को हटाने और उनका इस्तेमाल बंद करने का निर्देश जारी किया है। इसको लेकर राज्य के मुख्य सचिव पी रवि कुमार द्वारा अतिरिक्त मुख्य सचिव जावेद अख्तर को एक नोट जारी किया है।
महाराष्ट्र में शुरू हुआ लाउडस्पीकर पर अजान विवाद अब कर्नाटक में भी पहुंच गया है। यहां सोमवार को कुछ हिंदू संगठनों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया था। जिसके बाद सीएम बोम्मई ने इस विवाद को लेकर कहा कि कर्नाटक सरकार सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करना सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार ने लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने लाउडस्पीकर को लेकर नामित प्राधिकारी द्वारा अधिकृत नहीं होने पर लाउडस्पीकरों को हटाने और उनका इस्तेमाल बंद करने का निर्देश जारी किया है। इसको लेकर राज्य के मुख्य सचिव पी रवि कुमार द्वारा अतिरिक्त मुख्य सचिव जावेद अख्तर को एक नोट जारी किया है। मुख्य सचिव ने ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के कार्यान्वयन के संबंध में 18 जुलाई, 2005 और 28 अक्टूबर, 2005 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग बिना नामित प्राधिकारी की अनुमति प्राप्त किए बिना किया जाना चाहिए।
इसमें कहा गया है कि एनपीआरसी नियम 5 (2) में बंद परिसर को छोड़कर रात के समय लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम या किसी भी ध्वनि पैदा करने वाले उपकरण के इस्तेमाल पर रोक है। मुख्य सचिव पी रवि कुमार ने अपने नोट में कहा कि लाउडस्पीकर का प्रयोग करने वाले सभी लोग या संगठन 15 दिनों के भीतर नामित प्राधिकारी से इसको लेकर लिखित अनुमति प्राप्त करेंगे। जो इसकी अनुमति नहीं लेते हैं, उन्हें स्वेच्छा से लाउडस्पीकर या ध्वनि पैदा करने वाले यंत्र को हटा देना चाहिए या नामित प्राधिकारी द्वारा हटवा दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के आवेदन पर निर्णय लेने के लिए विभिन्न स्तरों पर एक समिति का गठन किया जाए। पुलिस कमिश्नरेट इलाकों में बनाई जाने वाली समिति में सहायक पुलिस आयुक्त, नगर निगम के अधिकार क्षेत्र के कार्यकारी अभियंता और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल होंगे। अन्य क्षेत्रों के लिए समिति में पुलिस उपाधीक्षक, क्षेत्राधिकारी तहसीलदार एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। मुख्य सचिव पी रवि कुमार ने अपने नोट में कहा है कि यह उन सभी परिसरों (मंदिर और मस्जिद) पर लागू होता है जो लाउडस्पीकर और सार्वजनिक संबोधन प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं।