केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन परंपरा और धन है। इसे जंगलों में रहने वाले लोगों के सहयोग से विकसित किया जा सकता है। मंत्री अर्जुन मुंडा रविवार को विज्ञान भवन में सातवें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में आयुर्वेद से जुड़े कई एक्सपर्ट भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर आदिवासियों के सहयोग के लिए आयुष और जनजातीय मामलों के मंत्रालय के बीच एक एमओयू साइन किया गया। इस वर्ष का आयुर्वेद दिवस हर दिन हर घर आयुर्वेद थीम पर मनाया गया। छह सप्ताह तक चलने वाले इस समारोह में देश भर से आयुर्वेद से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। आयुष मंत्रालय की तरफ से 26 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों, मिशनों और दूतावासों के सहयोग से 5,000 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे मुंडा ने कहा, आयुर्वेद भारत की प्राचीन परंपरा है। आयुर्वेद एकमात्र चिकित्सा विज्ञान है जो बीमारी ठीक करता है। इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आयुर्वेद बीमारी को दूर करने का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर शोध किया जा रहे हैं। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री मुंजपारा महेंद्रभाई कालूभाई ने कहा, देश में आयुर्वेद के क्षेत्र में तेजी के साथ काम किए हैं। आयुर्वेद का वर्तमान में 18.1 बिलियन डॉलर का कारोबार है।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक डॉ तनुजा मनोज नेसारी ने कहा कि इस अभियान को 1.7 करोड़ से अधिक लोगों का सहयोग मिला है। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर 56 लाख से अधिक लोगों ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया हैं। केंद्रीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि यह हमारे पूर्वजों के विज्ञान की सराहना करने का समय है।