अब कैंसर इलाज में भी मिलेगा आयुर्वेद का साथ। केंद्र सरकार ने सभी राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थानों को कैंसर देखभाल से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसकी शुरुआत गोवा से होगी, जहां 23 सितंबर को ‘आयुर्वेद फॉर पीपल, आयुर्वेद फॉर प्लैनेट’ थीम पर 10वां आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा।
अस्पतालों में एलोपैथी के साथ आयुष उपचार देने की पहल के तहत अब कैंसर देखभाल में भी मरीजों को पारंपरिक चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा। केंद्र सरकार ने आयुर्वेद के सभी राष्ट्रीय संस्थानों को कैंसर चिकित्सा से जोड़ने का फैसला लिया है। इसकी शुरुआत मंगलवार को गोवा स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान से होगी। इस साल से 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। इस बार 10वां आयुर्वेद दिवस देश के अलग अलग हिस्सों में मनाया जाएगा जबकि गोवा में आयुर्वेद फॉर पीपल, आयुर्वेद फॉर प्लैनेट थीम पर समारोह आयोजित होगा।
गोवा के पणजी में 10वें आयुर्वेद दिवस समारोह की सभी तैयारियां पूरी हुई हैं। अभी तक धनतेरस के दिन यह दिवस मनाया जाता है लेकिन इस वर्ष से 23 सितंबर को यह दिवस मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य, पारंपरिक रोग-उपचार, प्राकृतिक संतुलन व सतत विकास को बढ़ावा देना है।
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद गोवा के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि पहली बार कैंसर मरीजों के लिए इंटीग्रेटेड ऑन्कोलॉजी यूनिट शुरू होगी। इसके अलावा आयुर्वेद संस्थान में ब्लड बैंक भी स्थापित हुई है। इन सुविधाओं को आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच पुल को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।