केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर की व्यापक सुरक्षा के लिए परामर्श की जिम्मेदारी दे रखी है। निर्माण के दौरान सुरक्षा संबंधी भावी जरूरतों को ध्यान में रखकर सीआईएसएफ ने परामर्श रिपोर्ट का पहला मसौदा उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपा है।
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असल में उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से राम मंदिर की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की सेवाएं मांगी थीं, ताकि मंदिर परिसर की सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके। सीआईएसएफ की परामर्श सेवाओं पर खर्च होने वाले करीब 18.75 लाख रुपये भी उत्तर प्रदेश सरकार वहन कर रही है।
एक अधिकारी ने बताया कि निर्माण के विभिन्न चरणों में सुरक्षा संबंधी जरूरतों का ध्यान रखने और परामर्श देने के लिए सीआईएसएफ के वरिष्ठ कमांडेंट रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में निर्माणस्थल पर मौजूद हैं। सीआईएसएफ की टीम ने मंदिर ट्रस्ट और उसके पदाधिकारियों को सभी भौतिक और गैजेट-आधारित सुरक्षा जरूरतों के बारे में सलाह दी है, जिन्हें निर्माण के दौरान और मंदिर की संरचना में शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही मंदिर परिसर को आग, दुर्घटनाओं व तोड़-फोड़ से बचाने की व्यापक योजना भी पेश की है।