गुजरात के इस सोमपुरा परिवार ने अयोध्या से पहले भी कई बड़े मंदिरों के डिजाइन तैयार किए हैं। इनमें गुजरात का सोमनाथ मंदिर, अक्षरधाम और अंबाजी मंदिर शामिल है। इसके अलावा लंदन के स्वामीनारयाण मंदिर का डिजाइन भी उन्हीं की देन है। इनकी 15 पीढ़ियां अब तक देश विदेश में 131 से अधिक मंदिर की डिजाइन तैयार कर चुकी है।
वास्तुकला का रखते हैं खास ध्यान
सोमपुरा परिवार के डिजाइन बनाने की एक और खास बात है। यह नगर शैली के मंदिरों की डिजाइन वास्तुकला के हिसाब से बनाते हैं। इस परिवार के सदस्यों की बात करें तो मुख्य भूमिका में चंद्रकांत सोमपुरा उनके बड़े बेटे निखिल और छोटे बेटे आशीष सोमपुरा हैं। गुजरात के सोमनाथ मंदिर का डिजाइन चंद्रकांत सोमपुरा के पिता प्रभाशंकर सोमपुरा ने तैयार किया था। इसके लिए उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है। यही नहीं वह शिल्प शास्त्र पर 15 से ज्यादा किताबें भी लिख चुके हैं।
- 160 खंभे पहली मंजिल पर
- 132 खंभे दूसरी मंजिल पर
- 74 खंभे तीसरी मंजिल पर
उत्तर भारत में प्रचलित नगर शैली
राम मंदिर का मॉडल वास्तु शास्त्र के हिसाब से नगर शैली में डिजाइन किया गया है। शैली भारत में प्रचलित दक्षिण भारत को छोड़कर पूरे उत्तर भारत में प्रचलित है। मंदिर का गर्भग्रह अष्टकोण में है। मंदिर की परिक्रमा गोलाई में बनाई गई है।