अयोध्या मामले में फैसला आने से पहले शिया वक्फ बोर्ड ने सभी वक्फ संपत्तियों पर होने वाले आयोजनों पर रोक लगा दी है। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने वक्फ बोर्ड की इमामबाड़ा मस्जिद, दरगाह, कार्यालय, कब्रिस्तान, मजार जैसी जगहों पर अयोध्या मसले को लेकर किसी तरह का भाषण या धरना-प्रदर्शन नहीं करने का आदेश जारी किया है। यदि कोई आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आदेश की प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजी गई है।
अयोध्या आने वाले सभी रास्तों पर पुलिस तलाशी अभियान चलाए हुए है। करीब 128 अधिकारी अयोध्या पहुंच भी गए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा बलों के रुकने के लिए 150 कॉलेजों में व्यवस्था की गई है। अयोध्या के एसएसपी के मुताबिक सीसीटीवी, ड्रोन कैमरे, डाॅग स्क्वॉयड, एटीएस दस्ते, बीडीएस, एलआईयू अलर्ट पर हैं। अयोध्या को जोड़ने वाले मार्गों पर बैरियर लगा कर चेकिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाहरी फोर्स का अयोध्या आना शुरू हो गया है। इनमें केंद्रीय सुरक्षा बल सबसे ज्यादा हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति तारिक मंसूर ने विवि से जुड़े लोगों से अयोध्या पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करने को कहा है। वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेद्र गिरी ने भी साधु-संतों से अदालत का निर्णय आने पर शांति बनाए रखने की अपील की है।
यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि अयोध्या मामले में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। हमारा खुफिया तंत्र तैयार है। एक टीम कड़ी निगरानी रख रही है। उधर, अयोध्या प्रशासन ने जिले में जुलूस, प्रदर्शन, आयोजन पर रोक लगा दी है।