घोष ने आगे कहा कि भारतीय नस्ल की गायों एक विशेष विशेषता है कि इसके दूध में सोना मिला होता है और इसीलिए उनके दूध का रंग थोड़ा पीला होता है। भारतीय गायों में एक नाड़ी होती है जो धूप की मदद से सोना उत्पन्न करने में मदद करती है। हमें इन गायों की रक्षा करनी होगी।
घोष ने कहा कि हम जो गाय विदेश से लाते हैं, वे गाय नहीं हैं। वे एक प्रकार की जानवर होती हैं। विदेशी नस्ल की गायों की आवाज हमारी गोमाता की तरह रंभाने वाली नहीं होती, इसलिए विदेशी गाय हमारी गोमाता नहीं बल्कि हमारी आंटियां (चाची) हैं। यह देश के लिए ठीक नहीं है कि हम इन आंटियों की पूजा करें।