केंद्र सरकार के सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वह कार्यालयों में सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करें। कार्मिक मंत्रालय के परिपत्र के अनुसार, विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि भीड़भाड़ रोकने के लिए उप-सचिव से नीचे स्तर के एक तिहाई से अधिक कर्मचारियों को कार्यालय नहीं बुलाया जाए। साथ ही आपस में दूरी बनाकर चलने के नियम का अनुपालन हो।
यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में, उप-सचिव स्तर से नीचे के एक-तिहाई से अधिक अधिकारियों/कर्मचारियों को कुछ मंत्रालयों और विभागों के कार्यालयों में बुलाया जा रहा है। परिपत्र में कहा गया है कि कार्यालयों में इस तरह की भीड़ कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जा रहे उपायों को खतरे में डाल सकती है।
मंत्रालय ने कहा कि यह दोहराया जा रहा है कि उप-सचिव स्तर से नीचे के कर्मियों की उपस्थिति संबंधी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। केंद्र सरकार में फिलहाल 48.34 लाख कर्मी हैं।
मंत्रालय ने गृह मंत्रालय द्वारा 15 अप्रैल को लॉकडाउन के संबंध में जारी किए गए संशोधित दिशानिर्देश का हवाला दिया है जिसमें कहा गया है कि उप-सचिव के स्तर से ऊपर के सभी अधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे जबकि बाकी कर्मियों का एक तिहाई हिस्से को ही जरूरत के मुताबिक कार्यालय पहुंचना है।
कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि इस दिशानिर्देश की भावना यह है कि कार्यालयों में भीड़भाड़ से बचा जाए और आपस में दूरी सुनिश्चित किया जाए। उसने कहा कि विभागों के प्रमुख कार्यालयों/कार्यस्थलों पर भीड़भाड़ रोकने के लिए अपने कर्मियों को अलग अलग कालखंडों पर कार्यालय आने का निर्देश दे सकते हैं।
कार्मिक मंत्रालय ने पिछले महीने कर्मचारियों के लिए तीन कालखंडों सुबह नौ बजे से साढे पांच बजे तक, साढ़े नौ बजे से शाम छह बजे तक और दस बजे से शाम साढ़े छह बजे तक का सुझाव दिया था।