महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में शुक्रवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने के बाद 16 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव और औरंगाबाद के जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया है। जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर मध्यप्रदेश लौट रहे थे। वे रेल की पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गए थे। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन ने सुबह सवा पांच बजे उन्हें कुचल दिया।
अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशि दिया गया है। जिसमें कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान गरीबों, विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों को भोजन, आश्रय और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए राज्य और जिला अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण भी शामिल होना चाहिए।
सभी मजदूर मध्यप्रदेश के थे और जालना में स्टील कंपनी में काम करते थे। औरंगाबाद से ट्रेन मिलने की उम्मीद में जालना से औरंगाबाद जा रहे थे। घटना पर रेल मंत्रालय ने कहा, 'आज सुबह कुछ मजदूरों को ट्रैक पर देखकर मालगाड़ी के लोको पायलट ने ट्रेन को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्हें परभणी-मनमाड सेक्शन के बदनपुर और कर्माड स्टेशनों के बीच उन्हें टक्कर लग गई। जांच के आदेश दे दिए गए हैं।