भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मायावती ‘बुआ’ और अखिलेश ‘भतीजे’ दोनों एक हैं। यही वजह है कि दोनों एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा नहीं खोलते हैं।
दयाशंकर और नसीमुद्दीन के खिलाफ अलग-अलग कानून लागू किया जा रहा है। अब इसका फैसला जनता करेगी। सपा और बसपा के कई नेता भाजपा में आने को उतावले हैं। समय आने पर बुंदेलखंड राज्य जरूर बनेगा।
मौर्य भाजपा कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में शिरकत करने आए हैं। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बुलंदशहर गैंगरेप प्रकरण पर बीजेपी के संघर्ष और तेवर देख मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बौखला गए हैं।
बीजेपी के दबाव पर ही मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच पर सहमति जताई। उन्हें मथुरा और मुजफ्फरपुर कांड की भी जांच करानी चाहिए। प्रदेश में अपराध चरम पर है। भू और खनन माफियाओं का राज चल रहा है। जांच कराई जाए तो तीन लाख करोड़ से अधिक का घोटाला सामने आ जाएगा।
आजादी के बाद यह पहली सरकार है तो किसान, मजदूर और गांव विरोधी है। आगामी विधानसभा चुनाव में सपा 70- 80 सीटों में सिमटने वाली है। मुलायम सिंह अगर पार्टी का भला चाहते है तो उन्हें अखिलेश को मुख्यमंत्री पद से हटा देना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बसपा में भगदड़ मची हुई हैं। जनाधार वाले नेता पार्टी छोड़ कर चुके हैं। वोट की दृष्टि से बसपा अभी से कंगाल हो गई है। बसपा और सपा छोड़ चुके नेता अब भाजपा में आने के लिए उतावले है।
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर उन्होंने कहा कि बैठक में यूपी की चुनावी परिस्थितियों पर चर्चा होगी। भर्ती और अन्य घोटालों पर बात होगी। बुंदेलखंड राज्य के मुद्दे पर उन्होंने इतना ही कहा कि वह नए राज्य के समर्थन में है। समय आएगा तो बुंदेलखंड राज्य जरूर बनेगा।
उन्होंने कहा कि बसपा और सपा राज में बेईमानी नहीं होती तो आज बुंदेलखंड में विकास ही विकास दिखाई देता। महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होते ही इस समस्या से देशवासियों को निजात मिल जाएगी। इस मौके पर क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह भी मौजूद थे।