शनिवार दोपहर करीब दो बजे सपा की पूर्व प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक व अन्य ने अतरौली पहुंचकर मुठभेड़ में मारे गए मुस्तकीम और नौशाद के परिजनों से मुलाकात की। इसी दौरान बजरंग दल से जुड़े लोग वहां पहुंचे और एतराज जताते हुए कहा कि जिन छह लोगों की हत्याएं इन बदमाशों द्वारा की गई क्या कोई नेता उनके परिजनों से मिला। इस बात पर कहासुनी के बाद वहां मौजूद भीड़ भड़क गई।
लोगों का आक्रामक रुख देखकर पंखुड़ी पाठक और उनके साथी जान बचाकर वहां से भागने लगे। इस पर लोगों ने सभी को दौड़ा दौड़ाकर जमकर पीटा। पंखुड़ी पाठक से भी जमकर धक्का-मुक्की व हाथापाई की गई। ये लोग जब गाड़ियों में बैठकर जाने लगे तो लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। गाड़ियों में तोड़फोड़ कर आग लगाने की कोशिश करने लगे। कुछ स्थानीय दुकानदारों ने किसी तरह पंखुड़ी पाठक को भीड़ से बचाया।
सूचना पर पुलिस वहां पहुंची मगर संख्याबल कम होने के चलते भीड़ का सपा नेता पर हमला जारी रहा। इस पर सीओ प्रशांत सिंह, सीओ बरला एके चौधरी भारी मात्रा में फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को खदेड़ा। पुलिस ने जैसे तैसे उनकी गाड़ियों को वहां से निकलवाया।
दो समुदायों की बीच झगड़े की अफवाह उड़ने से शहर में भगदड़ मच गई। वैसपाड़ा से लेकर राठी चौराहा व कॉलेज रोड तक की दुकानों के धड़ाधड़ शटर गिरने लगे। लोगों ने अपने घरों में खुद को कैद कर लिया। बाद में पुलिस फोर्स के पहुंचने के बाद लोगों को घटना की जानकारी हुई तब जाकर बाजार खुला। माहौल में तनाव और झगड़े की संभावना को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात की गई है।