सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है। भारत ने साफ कहा है कि आम लोगों और नागरिक ठिकानों पर हमले किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जा सकते और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 309 लोग घायल हुए हैं। भारत ने इस मुश्किल घड़ी में सऊदी अरब के साथ खड़े रहने की बात कही है और उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में जल्द शांति बहाल होगी। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच हवाई अड्डों समेत अहम ठिकानों पर हमलों का सिलसिला जारी है।
'भारत ने हमले को बताया अस्वीकार्य'
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को बयान जारी कर रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले कुछ दिनों से हो रहे लगातार हमलों की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने 10 अक्टूबर को हुए हमले का खास तौर पर जिक्र करते हुए कहा कि इन हमलों में लोगों की जान गई है, कई लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'आम लोगों और नागरिक बुनियादी ढांचे को बार-बार निशाना बनाया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।' भारत ने हमले में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
सऊदी अरब के साथ मजबूती से खड़ा है भारत
भारत ने अपने बयान में सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के प्रति समर्थन जताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सऊदी अरब की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। भारत को उम्मीद है कि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी। भारत का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब सऊदी अरब और यमन के हूती समूह के बीच सैन्य टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। हवाई अड्डों और दूसरे अहम ठिकानों पर हमलों के चलते आम लोगों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
हमले में 12 लोगों की मौत, 309 घायल
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक, शनिवार दोपहर किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 309 लोग घायल हो गए। मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में बांग्लादेश के दो लोग थे, जबकि अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान का एक-एक नागरिक शामिल था। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गई है।
सुरक्षा जांच के लिए हवाई अड्डे का संचालन रोका गया
हमले के बाद सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने हवाई अड्डे का संचालन कुछ समय के लिए रोक दिया था। अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला नुकसान का आकलन करने और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जांच पूरी करने के लिए लिया गया। हवाई अड्डे जैसे अहम नागरिक ठिकाने पर हमले के बाद यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती गई।
'हवाई अड्डों और बंदरगाहों को संघर्ष से बाहर रखा जाए'
हमले के बाद हूती समूह ने बयान जारी कर कहा कि वह सऊदी अरब के साथ ऐसे कदमों पर बातचीत या जवाबी व्यवस्था के लिए तैयार है, जिससे हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और मानवीय कामकाज से जुड़े दूसरे ठिकानों को बढ़ते सैन्य संघर्ष से बाहर रखा जा सके। हूती समूह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों पक्षों के बीच हमलों का सिलसिला तेज हो रहा है। नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाए जाने से आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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यमन में सऊदी अरब के जवाबी हमलों की भी खबर
हूती समूह के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी ने शनिवार को दावा किया कि सऊदी अरब ने यमन में हूती-नियंत्रित इलाकों पर हवाई और मिसाइल हमलों की नई लहर शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में हूती-नियंत्रित राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रणनीतिक रूप से अहम बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के इलाकों और यमन के कई उत्तरी प्रांतों को निशाना बनाया गया।
हालांकि, इन जवाबी हमलों से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस घटनाक्रम के बीच भारत ने साफ संदेश दिया है कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले रुकने चाहिए, ताकि क्षेत्र में तनाव कम हो और शांति बहाल करने का रास्ता खुल सके।