धूमनगंज के युवक को आतंकी संगठन के व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़े जाने के मामले पर जांच एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए हैं। रविवार को इस मामले की जांच के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) की दो टीमें शहर आ धमकीं। यहां दोनों टीमों ने चार घंटे रहकर शिकायतकर्ता से पूछताछ की। साथ ही मामले से संबंधित साक्ष्य लेकर शाम को वापस चली गईं।
धूमनगंज पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के ठाणे में रहकर प्राइवेट नौकरी करने वाला युवक इन दिनों मुंडेरा स्थित अपने घर आया है।
उसने शनिवार को पुलिस से बताया कि गुरुवार को उसके पास एक व्हाट्सएप मैसेज आया। उसने देखा तो पता चला कि उसका नंबर आईएसआईएस इंडिया नाम के ग्रुप में जोड़ दिया गया है। घबराकर उसने तुरंत ग्रुप से खुद को अलग कर लिया, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा फिर उसे ग्रुप में जोड़ दिया गया।
यही प्रक्रिया एक बार फिर दोहराई गई। युवक की घबराहट तब और बढ़ गई जब उसे और उसके परिवारवालों को धमकी दी जाने लगी। युवक ने पुलिस को बताया कि उसे मैसेज भी भेजा गया कि तुम हमारी आर्गनाइजेशन में बतौर जासूस काम करना चाहते हो। अगर तैयार हो तो अपना पता और पेशा मैसेज करो।
तुम्हें 5000 डॉलर हर महीने इंडियन एजेंसी की जानकारी हमें देने के लिए दिए जाएंगे। युवक की शिकायत पर धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। साथ ही मामले को एटीएस को सौंप दिया गया।